2 दिनों में 3 ग्रामीण बने बाघ का शिकार, चंद्रपुर जिले में फिर बढ़ा मानव-वन्यजीव संघर्ष; 2 माह में 6वीं मौत

Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर में दो दिनों में तीन ग्रामीण बाघ का शिकार बने, दो महीनों में छह मौतें; बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से इलाके में दहशत फैल गई है।
वन विभाग कार्रवाई, चंद्रपुर ताजा खबर, Chandrapur tiger attack
human wildlife conflict (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chandrapur Forest News: चंद्रपुर जिले में वन्यजीव-मानव संघर्ष हर वर्ष ग्रीष्मकाल में बढ़ जाता है। इस साल भी गर्मियों की शुरुआत में ही ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। बीते दो दिनों में बाघों ने तीन अलग-अलग स्थानों पर इंसानों का शिकार किया है। चिंताजनक बात यह है कि जनवरी और फरवरी—इन दो महीनों में अब तक छह लोगों की वन्यजीव हमलों में मौत हो चुकी है। इनमें पांच मौतें बाघ के हमले से और एक तेंदुए के हमले से हुई है।

मोहरली जंगल में बाघ का हमला

मोहरली जंगल क्षेत्र के पद्मपुर-2 बीट में 27 फरवरी 2026 की शाम बाघ के हमले में 60 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। मृतक की पहचान वरवट निवासी काशीनाथ शिवराम लोनबले (60) के रूप में हुई है। वह जंगल के सेल नंबर 179 में जलाने की लकड़ी लाने गए थे। शाम करीब 6 बजे घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही वनपरिक्षेत्र अधिकारी संतोष थिपे और दुर्गापुर पुलिस स्टेशन के निरीक्षक संदीप एकाडे टीम सहित मौके पर पहुंचे। पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला सामान्य अस्पताल, चंद्रपुर भेजा गया। मृतक के परिजनों को तत्काल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और वन विभाग बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

कपास तोड़ने गई महिला पर हमला

मूल (सोमनाथ) क्षेत्र के आमटे फार्म में कपास तोड़ने गई मारोडा निवासी सुनीता भोयर पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में काम कर रही थीं। तभी झाड़ियों से निकलकर बाघ ने हमला किया और फिर जंगल की ओर भाग गया।

घटना की जानकारी मिलते ही बफर जोन के सहायक वनसंरक्षक वाधोरे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी राम शेंडे, पुलिस निरीक्षक विजय राठौड़ तथा स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को नियंत्रित करने, कपास कटाई के दौरान सुरक्षा और तारबंदी की मांग की है। वन विभाग ने मृतका के परिवार को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता दी है और सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

तीसरी घटना ब्रम्हपुरी में

शुक्रवार को ब्रम्हपुरी तालुका के पद्मापुर क्षेत्र में यमुना बाजीराव मड़ावी (70) पर भी बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। लगातार हो रही घटनाओं से जिले में भय का माहौल है और मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

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