चंद्रपुर: अमृत-2 योजना में धांधली पर मनपा आयुक्त का कड़ा प्रहार, मौके पर पहुंचकर ठेकेदार को लगाई जमकर फटकार

Chandrapur News: चंद्रपुर मनपा आयुक्त अकुनुरी नरेश ने अमृत-2 योजना के कार्यों का प्रत्यक्ष मुआयना कर पाइपलाइन बिछाने में हो रही अनियमितता पकड़ी। ठेकेदार और जल प्राधिकरण अधिकारियों को कड़ी फटकार
Chandrapur Commissioner Akunuri Naresh inspects Amrut-2 project following scam allegations. Contractor slammed for shallow pipeline laying and violating work order norms.
Chandrapur Municipal Corporation (सौजन्य-नवभारत)
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Chandrapur Municipal Corporation News: चंद्रपूर शहर मनपा दायरे में चल रहे अमृत 2 योजना के कामों में बडे पैमाने पर धांधली के आरोप लग रहे है। काम अनियमितता को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे है। जल प्राधिकरण व ठेका कंपनी लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन द्वारा किए गए इन कार्यों में धांधली की वास्तविकता क्या है? इसे जांचने के लिए शुक्रवार को चंद्रपुर शहर महानगर पालिका आयुक्त अकुनुरी नरेश ने संबंधित स्थानों का प्रत्यक्ष मुआयना किया।

इस समय उन्होने संबंधित ठेकेदार को जमकर फटकार भी लगाई। चंद्रपुर शहर में 129 किमी पाईपलाईन डालने का काम लक्ष्मी कन्स्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। परंतु इस काम में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप है। पाईप जमीन में बिछाने वर्क ऑर्डर के अनुसार 3 फुट गहरा गड्डा कर पाईप डालना अनिवार्य था।

ठेकेदार की ओर से इसमें केवल 1 फुट का गड्डा किया जा रहा है। इस पर पूर्व में कई शिकायतें हुई है। परंतु जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया। जिससे कार्रवाई जैसी कोई बात नहीं हो पाई। परंतु अब पहली बार मनपा में आईएएस दर्जा के आयुक्त ने पदभार संभाला है। हालही में शिवसेना ने पुनः इसकी शिकायत की थी।

महाराष्ट्र जल जीवन प्राधिकरण को दिसम्बर 2025 में ज्ञापन देते हुए ध्यानाकर्षण किया था। परंतु उन्होने ध्यान नहीं दिया था। इस बीच आयुक्त ने इसे गंभीरता से लिया और शुक्रवार को प्रत्यक्ष संबंधित स्थानों का दौरा कर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई। आयुक्त ने इंदिरानगर व बंगाली कॅम्प प्रभाग में प्रत्यक्ष रुप से अमृत योजना के कार्यों का अवलोकन किया।

काम में धांधली बर्दाश्त नहीं

काम में धांधली बर्दाश्त नही की जाएगी। चंद्रपूर शहर की अमृत योजना का काम व्यवस्थित ढंग से होना चाहिए। इस तरह के कडे निर्देश आयुक्त ने ठेकेदार जलप्राधिकरण व के अफसरों को दिये। नागरिकों को पीने के लिए पानी मिले इसलिए यह योजना शुरु की गई पंरतु अधिकारियों ने इस काम में अनियमितता की अनदेखी की। इसका खामियाजा आज भी लोगों को भुगतना पड रहा है।

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