चंद्रपुर: जानाला-पोंभूर्णा मार्ग निर्माण में अनियमितता का आरोप, सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता

Chandrapur Road Construction Protest: चंद्रपुर के महामार्ग 264 पर घटिया सड़क निर्माण के विरोध में कांग्रेस ने देवाडा खुर्द में चक्का जाम किया। तहसीलदार मोहनिश शेलवटकर ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया।
Road Construction Protest
कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Congress Chakka Jam Movement In Chandrapur: चंद्रपुर जिले के जानाला-पोंभूर्णा राज्य महामार्ग क्रमांक 264 पर चल रहा सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण कार्य विवादों के घेरे में आ गया है। इस निर्माण कार्य में हो रही भारी अनियमितताओं और अत्यंत घटिया दर्जे की सामग्री के इस्तेमाल के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा मंगलवार को देवाडा खुर्द में मुख्य मार्ग पर उग्र चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते महामार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तहसीलदार मोहनिश शेलवटकर को स्वयं आंदोलन स्थल पर दौड़ना पड़ा, जहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया।

चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा ठेकेदार

कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने पहले 20 अप्रैल 2026 को संबंधित विभाग को लिखित लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद भी जब ठेकेदार और अधिकारियों ने काम की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस ने 4 जून को बाकायदा एक पत्रकार परिषद (प्रेस कॉन्फ्रेंस) आयोजित कर सड़कों पर उतरने की खुली चेतावनी दी थी। आंदोलनकारियों का सीधा आरोप है कि हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की आपसी मिलीभगत है, जिसके चलते सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।

विकास के नाम पर विनाश! टूट गई पानी की पाइपलाइन

चक्का जाम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्माण कार्य की वजह से स्थानीय नागरिकों को हो रही गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:

  • भीषण पेयजल संकट: रामपुर दीक्षित-जामतुकूम मार्ग की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन को इस लापरवाही भरे निर्माण के दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसके कारण क्षेत्र के कई गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
  • घरों में पानी घुसने का डर: सड़क की ऊंचाई बिना सोचे-समझे इतनी अधिक बढ़ा दी गई है कि आस-पास के कई रिहायशी मकान सड़क के स्तर से काफी नीचे चले गए हैं। नागरिकों को डर है कि आगामी मानूसन के दौरान बारिश और नालियों का गंदा पानी सीधे उनके घरों में घुस जाएगा।
  • बढ़ रहे हैं हादसे: खेतों और ग्रामीण रास्तों को काटकर जो खतरनाक वैकल्पिक मार्ग (डाइवर्जेंस) बनाए गए हैं, वहां किसी भी प्रकार का सूचना या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है।

बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेसी दिग्गज

इस आंदोलन का नेतृत्व तालुका कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वासुदेव पाल, चंद्रपुर जिला कांग्रेस कमेटी के सहसचिव ओमेश्वर पदमगिरीवार, सचिव पराग मुकलवार और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक गेडाम ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन में ओबीसी सेल के अध्यक्ष भालचंद्र बोधलकर, विनायक बुरांडे, अल्का बुरांडे सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति पाइपलाइन को ठीक नहीं किया गया और सड़क निर्माण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे भी बड़ा और तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com