चंद्रपुर में बारिश की रफ्तार थमी, शहर में बाढ़ की स्थिति, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा
Chandrapur News: चंद्रपुर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, इरई बांध के सात द्वार खोलने से बाढ़ जैसी स्थिति, 29 नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया, जलापूर्ति बंद और जल संरक्षण की अपील।
- Written By: आकाश मसने
पीड़ितों से चर्चा करते अधिकारी (फोटो नवभारत)
Chandrapur Heavy Rain: चंद्रपुर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। इरई डैम के सातों दरवाजे खोले जाने से पद्मापुर, किटाली, मासाला, पडोली, यशवंतनगर, दाताला, आरवट, नांदगाव पोडे, भटाली, वडोली, चिचेली, कढोली, पायली, खैरगाव, चांदसुर्ला, विचोडा बुजुर्ग, आंभोरा, लखमापुर, कोसारा, खुटाला, हडस्ती, चारवट, कवटी, चेक तिरवंजा, देवाला, चोराला, हिंगणाला, चिंचोली, मिनगाव, वडगाव, चंद्रपुर, माना आदि क्षेत्रों में बाढ आने से 29 परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। बुधवार को बारिश की रफ्तार कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
शहर के रहमतनगर परिसर में बाढ आने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।भारी बारिश के कारण इरई बांध के सभी सात द्वार खोल दिए गए, जिससे 2 सितंबर की रात को जलस्तर बढ़ गया और शहर में कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल ने शहर के 29 नागरिकों को महात्मा ज्योतिबा फुले स्कूल में स्थानांतरित कर दिया है और उनके आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है। इसी प्रकार, इरई नदी से बड़ी मात्रा में गंदा पानी आने के कारण जल शोधन केंद्र को बंद कर दिया गया है और नागरिकों से नियमित जलापूर्ति बहाल होने तक जल संरक्षण की अपील की जा रही है।
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आधी रात को आफत की बाढ़
2 सितंबर की रात को रहमत नगर और घुटकाला क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके कारण नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल ने इस क्षेत्र के 29 नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी के चलते, नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट पर हैं और चंद्रपुर नगर निगम ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से बिना किसी जोखिम के नज़दीकी नगर निगम स्कूल में शरण लेने की अपील की है।
नगर निगम स्कूल में शरण लिए नागरिकों को भोजन, पेयजल, सोने की सुविधा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। इन सभी नागरिकों को स्वास्थ्य जाँच के बाद आवश्यकतानुसार प्राथमिक उपचार और दवाइयाँ दी जा रही हैं।
इन स्कूलों में लिया जा सकता आश्रय
महात्मा ज्योतिबा फुले प्राथमिक विद्यालय, घुटकाला वार्ड, डॉ. जाकिर हुसैन उर्दू प्राथमिक विद्यालय, दादामहल वार्ड, शहीद भगत सिंह प्राथमिक विद्यालय, भिवापुर वार्ड, लोकमान्य तिलक कन्या प्राथमिक विद्यालय, पठानपुरा रोड, लोकमान्य तिलक प्राथमिक विद्यालय, कालाराम मंदिर, समाधि वार्ड, डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्राथमिक विद्यालय, भानापेठ वार्ड, महाकाली कन्या प्राथमिक विद्यालय, महाकाली मंदिर वार्ड में आश्रय लिया जा सकता है।
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वहीं रामचंद्रनगर हिंदी प्राथमिक विद्यालय जटपुरा वार्ड, सरदार वल्लभभाई पटेल प्राइमरी स्कूल, जटपुरा वार्ड, स्वामी विवेकानन्द प्राइमरी स्कूल, वंडगांव वार्ड, लालपेठ कॉलरी मराठी प्राइमरी स्कूल, बंगाली कॉलोनी, भिवापुर वार्ड, महाकाली कॉलरी प्राइमरी स्कूल, महाकाली कॉलरी, महात्मा गांधी कन्या प्राइमरी स्कूल, रय्यतवारी वार्ड, पीएमश्री सावित्रीबाई फुले उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, नेताजी चौक, बाबूपेठ आदि का भी समावेश है।
जिले में बारिश का असर
चंद्रपुर जिले के राजुरा बामणी रोड, वर्धा नदी का जलस्तर बढने से पुल पर से यातायात बंद कर दी गई है। गोंडपिपरी तहसील अंतर्गत वर्धा का जलस्तर बढने और नालों में बाढ आने से आर्वी-धानोरा, तोहोगांव-आर्वी, तोहगांव-पाचगांव, कुडेसावली-कोठारी, सरांडी-वेजगांव मार्ग बंद है।
गर्भवती महिलओं का अस्पताल पहुंचाया
अपेक्षित प्रसूति की तारीख वाली गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण अस्पताल गोंडपिपरी और बल्लारपुर में पहुंचाया गया है। बारिश और बाढ से अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
