जंगल में पत्ते लेने गए पिता-पुत्र पर भालू ने किया हमला, लोगों ने लाठी-पत्थरों से की भगाने की काेशिश
Chandrapur News In Hindi: चंद्रपुर के पास जुनोना गांव के जंगल में पत्ते लेने गए पिता-पुत्र पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। इसमें दोनों घायल हो गए। लोगों भालू को लाठी और पत्थरों से भगाने की काेशिश की।
- Written By: आकाश मसने
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Bear Attack News: चंद्रपुर के पास जुनोना गांव में शनिवार सुबह एक गंभीर घटना घटी। जंगल में पत्ते लेने गए पिता-पुत्र पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें भालू लगातार अपने पंजों से उन पर हमला करता दिखा।
प्राप्त जानकारी अनुसार, जुनोना गांव के अरुण कुकसे अपने बेटे विजय के साथ जंगल में पत्ते लेने गए थे। अचानक झाड़ियों से भालू निकल आया और सबसे पहले अरुण पर हमला कर दिया। अपने पिता को बचाने गए विजय पर भी भालू ने हमला कर दिया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
विजय ने बताया कि जैसे ही भालू ने उसके पिता पर हमला किया, उसने भालू पर डंडे से वार किया, लेकिन भालू ने उस पर भी हमला कर दिया और उसके बाद क्या हुआ, उसे याद नहीं है।
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ग्रामीणों ने किया बचाने का प्रयास
घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने लाठी और पत्थरों से भालू को भगाने की कोशिश की। हालांकि, भालू काफी देर तक उनका पीछा करता रहा। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि ग्रामीणों ने पूरी ताकत से भालू पर हमला किया, लेकिन भालू अरुण को अपने पंजे में जकड़े हुए था। आखिरकार, ग्रामीणों के अथक प्रयासों के बाद, भालू अरुण को अधमरा छोड़कर जंगल में भाग गया।
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घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल पिता-पुत्र को चंद्रपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अरुण की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए नागपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, उसके बेटे विजय की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भालुओं के लगातार हमले पर नियंत्रण किया जाए और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
इस बचाव अभियान में हैबिटैट कंजर्वेशन सोसायटी के दिनेश खाटे, वनविकास महामंडल के कदम, जुनोना वनपरिक्षेत्र अधिकारी मेश्राम, पशुवैद्यकीय अधिकारी डॉ। कुंदन पोडसेलवार, वनपरिक्षेत्र अधिकारी घोरपडे ने सहयोग किया। घायल भालू को आवश्यक प्राथमिक उपचार सुविधाएं प्रदान की गई हैं और आगे के इलाज के लिए उसे ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि एक मेडिकल टीम भालू की गतिविधियों पर नज़र रख रही है।
