

चंद्रपुर जिले की सभी 15 तहसीलें अब सूखाग्रस्त सूची में शामिल।
बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती को 14 अक्टूबर के शासन निर्णय से शामिल किया गया।
शुरुआत में जिले की 12 तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया गया था।
राज्य की 19 तहसीलों को ट्रिगर-2 में शामिल किया गया था।
किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को राहत देने के लिए खाद्यान्न, चारा और पानी की उपलब्धता पर जोर।
Chandrapur drought affected All tehsils Trigger 1: खरीफ सीजन में बारिश की कमी और लंबे अंतराल के चलते चंद्रपुर जिले की सभी 15 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल कर लिया गया है। 14 अक्टूबर के शासन निर्णय के अनुसार बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती को भी सूची में जगह मिली है। प्रशासन को पेयजल, पशुओं के चारे और जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
खरीफ सीजन में बारिश की कमी और वर्षा के लंबे अंतराल के कारण चंद्रपुर जिले में सूखे का संकट गहरा गया है। शुरुआत में जिले की 15 में से 12 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। अब बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती तहसीलों को भी सूखाग्रस्त सूची में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही जिले की सभी 15 तहसीलें सूखे के आकलन के दायरे में आ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर के शासन निर्णय के तहत इन तीनों तहसीलों को शामिल किया गया। इससे पहले इन्हें शुरुआती सूची से बाहर रखा गया था।
राज्य में बारिश की कमी और सूखे की स्थिति को देखते हुए शुरुआत में 265 तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया गया था। चंद्रपुर जिले की 12 तहसीलें भी इसमें शामिल थीं। इसके बाद राज्य की 19 तहसीलों को ट्रिगर-2 के दायरे में लाया गया, जिनमें बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती तहसीलें शामिल थीं।
अब शासन निर्णय के बाद जिले की सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल किए जाने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत उपायों की जरूरत बढ़ गई है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सूखे का असर किसानों, खेत मजदूरों और अन्य ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर कम से कम पड़े। इसके लिए खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने और जल संरक्षण के कार्य शुरू करने पर जोर दिया गया है।
संबंधित विभागों को नागरिकों के लिए पेयजल और पशुओं के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूखाग्रस्त तहसीलों को नियमानुसार विभिन्न रियायतें और राहत उपाय उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।
सभी तहसीलों के सूखाग्रस्त सूची में आने के बाद अब प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं तथा सरकारी उपायों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। राहत की वास्तविक उपलब्धता संबंधित शासन निर्देशों और पात्रता नियमों के अनुसार तय होगी।