बैंक फसल कर्ज वितरण को गति दे: जिलाधीश गुल्हाने

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चंद्रपुर. इस साल खरीफ सीजन शुरू हो गया है. इस महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को फसल कर्ज की आवश्यकता होती है. इसलिए किसानों को राहत देने के लिए बैंकों को फसल कर्ज वितरण की गति बढाने के आदेश जिलाधीश अजय गुल्हाने ने दिए है.

 नियोजन सभागृह में जिला अग्रणी बैंक की ओर से  ‘क्रेडीट आऊटरीच प्रोग्राम’ अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में जिलाधीश बोल रहे थे.  मंच पर बैंक आफ इंडिया के जोनल मैनेजर तुषार हाते, आरबीआई प्रतिनिधि अभिनय कुमार, बैंक आफ महाराष्ट्र के भास्कर देव, विदर्भ कोकण ग्रामीण बैंक के व्यवस्थाक रमेश खाडे, नाबार्ड के महाव्यवस्थापक तृणाल फुलझेले, जिला अग्रणी बैंक व्यवस्थापक प्रशांत धोंगले, जिला उद्योग केंद्र के महाव्यवस्थापक स्वप्नील राठोड, स्टेट बैंक के पृनेंद्र मिश्रा आदि उपस्थित थे.

गत वर्ष जिले में दिए फसल कर्ज वितरण का उद्देश्य बैंक ने बेहतर तरीके से पूरा किया यह कहते हुए जिलाधीश ने कहा कि पटवारी, मंडल अधिकारी, ग्रामसेवक, प्रतिष्ठित नागरिक, जनप्रतिनिधि से समन्वय कर बैंक किसानों को कज उपलब्ध कराये. अधिक से अधिक किसानों समय पर कर्ज मिले इस दृष्टि से नियोजन करें. देश भर मे आजादी अमृत महोत्सव के दौरान 6 से 12 जून ‘आयकॉनिक वीक’ के रुप में मनाया जा रहा है. बैंक सेवा तथा केंद्र व राज्य सरकार की योजना गांव गांव तक पहुंचाने यह अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है.  इसके लिए केवल जिलास्तर पर अभियान मर्यादित न रखकर तहसील और बडे गांव तक पहुंचाये.

आगे जिलाधीश ने कहा कि महिला बचत समूह को कर्ज आपूर्ति करने में चंद्रपुर जिला राज्य में अव्वल है यह बडे खुशी की बात है. महिला बचत समूहों की कर्ज लौटाने का प्रतिशत 99 होने से अधिक से अधिक बैंक महिला बचत समूह को कर्ज वितरित करें. उसी प्रकार किसान क्रेडिट किसान कार्ड (केसीसी) अंतर्गत अब पशुसंवर्धन, दुग्धव्यवसाय और मत्स्यव्यवसाय का लाभ प्राप्त कर सकते है. इसलिए केसीसी का वितरण करें. जब तक बैंक लोकाभिमुख नहीं होती तब तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होगा. ग्राहकों से ही बैंक का अस्तित्व है यह सदा ध्यान में रखकर खाताधारकों से व्यवहार करें.

नागरिकों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए. वित्त और डिजिटल साक्षारता समय की आवश्यकता है. इसके लिए बैंक प्रयास करें. प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, मुद्रा कर्जवितरण योजना, स्व:निधी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री रोजगार कार्यक्रम के साथ विविध योजनाओं की जानकारी नागरिकों को देकर उसका लाभ देने की अपील की. इस अवसर पर जोनल मैनेजर हाते ने देश में बैंकों का बडा योगदान है.  1969 में क्लास बैंकिंग से मास बैंकिंग की ओर बढे. आज देश भर में जनधन योजना के 45करोड खातेधारक है जिसमें 1.6 करोड रुपए की राशि है.

केंद्र सरकार के बैंकिंग योजना की व्याप्ती सामान्य और जरुरतमंदों तक पहुंचाने एक माध्यम है. ‘आऊटरीच’अर्थात लोगों तक बैंकों का पहुंचना है. इस अवसर पर अतिथियों के हाथों महिला बचत समूह और लाभार्थियों को बैंक योजना के प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया. जिसमें संघमित्रा महिला बचत समूह (निंबाला), अहिल्याबाई महिला बचत समूह के साथ अनिल बोकडे, दीपक रणदिवे, सुर्यभान तेलंग, जफ्फारखान पठाण, निखील खोब्रागडे, महेश डवले, महेंद्र रामटेके, परीक्षित तिवारी आदि का समावेश था. प्रस्ताविक अग्रणी बैंक व्यवस्थापक प्रशांत धोंगडे ने संचालन मनोज जैन ने किया.

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