अजित पवार की वो बेबाकी, जब कार्यकर्ता की नाराजगी पर चंद्रपुर की सड़क पर ही लगा दी थी फटकार!

Ajit Pawar last visit in Chandrapur: चंद्रपुर की यादों में जिंदा हैं अजित पवार। बाढ़ पीड़ितों को ढाढस बंधाया और HMT धान के खोजकर्ता को दी 5 एकड़ जमीन। जानें उनके आखिरी चंद्रपुर दौरे की पूरी कहानी।
Remembering Ajit Pawar's last Chandrapur visit. From comforting flood victims to honoring HMT rice innovator Dadaji Khobragade, his legacy remains deep.
अजित पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Death: राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता अजित पवार के असामयिक निधन से जिले में सर्वत्र शोक की लहर फैल गई है। उनके निधन पर सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारी जिले में उनके साथ बिताए पलों को याद कर भावुक हो उठे। जिले में अजित पवार 3 जून 2023 को आखिरी बार चंद्रपुर आए थे। जिले में वर्ष 2022 में अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ के कारण फसलों की अपरिमित क्षति हुई थी।

उस समय अजित पवार महाराष्ट्र में नेता विपक्ष थे। अतः अतिवृष्टि के कारण जिले में फसलों को हुई क्षति का जायजा लेने अजित पवार चंद्रपुर, गड़चिरोली जिलों के दौरे पर आये थे, उन्होंने जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना कर क्षतिग्रस्त किसानों तथा बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया था। अजित पवार ने चंद्रपुर शहर में सर्वाधिक बाढ़ पीड़ित क्षेत्र रहमतनगर को भी भेंट दी थी।

सांसद धानोरकर के घर दी थी भेंट

इसी दौरान अजित पवार ने चंद्रपुर शहर में उस समय के कांग्रेस सांसद सुरेश धानोरकर के आग्रह पर उनके निवास पर भी भेंट दी थी। इस मुलाकात के दौरान सांसद रहे सुरेश धानोरकर और उस वक्त कांग्रेस विधायक रही प्रतिभा धानोरकर के हाथों एक भेंटवस्तु भी स्वीकार की थी।

बेबाक और स्पष्टवादी की छवि

अजित पवार को हमेशा उनकी बेबाक, स्पष्टवादी और निर्भीक वक्ता के रूप में जाना जाता था, जिसका परिचय जिले के नागरिकों को अजित पवार के 28 जुलाई 2022 के इस दौरे में भी आया था। उस दिन जब अजित पवार सांसद धानोरकर के निवास से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में सवार होने ही वाले थे कि, उनकी नजर जिले के राष्ट्रवादी कांग्रेस के पदाधिकारी दीपक जायसवाल की ओर पड़ी।

उन्होंने इशारा कर जायसवाल को गाड़ी में बैठने को कहा, मगर जायसवाल उनका इशारा समझ नहीं सके थे, थोड़ी देर बाद जायसवाल ने अजित पवार के सामने आकर इस बात को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, आपका मेरी ओर ध्यान ही नहीं था।

जायसवाल के मुख से यह नाराजगी भरे बोल सुनते ही अजित पवार काफी गुस्सा हुए और उन्होंने उसी समय जायसवाल को फटकार लगाते हुए कहा कि, यहां मैं पार्टी के लिए जी तोड़ मेहनत ले रहा हूँ और कार्यकर्ता है कि, बेफिक्र है। इस घटना के बाद यहां अजित पवार की इस बेबाकी और निर्भीकता की काफी दिनों तक चर्चा होती रही थी।

HMT धान के शोधकर्ता का किया सम्मान

इसी दौरान जब अजित पवार को इस बात का पता चला कि, जिले के नागभीड़ तहसील के ग्राम नांदेड़ के एक किसान दादाजी खोबरागड़े ने एचएमटी धान की किस्म की खोज की, यह धान अब उसके अनूठे स्वाद को लेकर बेहद लोकप्रिय हुआ है, साथ ही इस उपलब्धि पर अमेरिका की प्रसिद्ध बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने संज्ञान लेते हुए दादाजी खोबरागड़े की तथा उनके अनुसंधान को अपनी पत्रिका में स्थान दिया है। इस बात पर अजित पवार स्वयंस्फूर्त होकर ग्राम नांदेड़ में पहुंचे तथा वहां उन्होंने खोजकर्ता दादाजी खोबरागड़े को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से 5 लाख का चेक प्रदान किया साथ ही उन्हें धान में आगे के अनुसंधान हेतु 5 एकड़ जमीन प्रदान की।

स्व. धानोरकर को श्रध्दांजलि देने चंद्रपुर पहुंचे थे पवार

महाराष्ट्र में कांग्रेस के एकमात्र सांसद सुरेश उर्फ बालू धानोरकर के निधन पर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार, राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंतराव पाटिल ने यहां वरोरा स्थित धानोरकर के निवास स्थान पर विधायक प्रतिभा धानोरकर से मिलकर उन्हें सात्वंना दी। पवार ने स्व। मोरेश्वरराव टेमुर्डे के निवास पर जाकर टेमुर्डे परिवार को सात्वंना दी। यही उनका अंतिम चंद्रपुर दौरा रहा।

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