Bhandara News: जनसागर कला साहित्य बहुउद्देशीय संस्था, साकोली की ओर से विर्शी में दो दिवसीय विदर्भ स्तरीय कलाकार महोत्सव का आयोजन किया गया।
महोत्सव का उद्घाटन सुप्रसिद्ध नाट्य कलाकार पद्मश्री परशुराम पुणे के हाथों हुआ। कार्यक्रम में समाज कल्याण सभापति शीतल राऊत, नरेश गडेकर, नंदलाल गहाने तथा सपना मोटघरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमानंद मेश्राम ने उपस्थित कलाकारों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दौर में मनोरंजन के कई आधुनिक साधन उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद हमारे पूर्वजों की सैकड़ों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं आज भी पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ जीवित हैं।
उन्होंने बताया कि झाड़ीपट्टी रंगमंच ने हजारों प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच प्रदान किया है। पहले इसे शौकिया रंगमंच माना जाता था, लेकिन आज यह कई कलाकारों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
रंगमंच से रोजगार लगभग 80 प्रतिशत कलाकार अपनी कला के आधार पर ही जीवनयापन कर रहे हैं, जबकि कुछ कलाकार खेती जैसे पूरक व्यवसाय भी करते हैं। परमानंद मेश्राम ने कलाकारों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए बताया कि कलाकारों को सेवानिवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए दो बार आंदोलन करना पड़ा।
इसके परिणामस्वरूप लगभग 300 कलाकारों को इसका लाभ मिल सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी कलाकारों के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।