भंडारा में आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश का तांडव: 60 घरों के छप्पर उड़े, बिजली ठप और दो मवेशियों की मौत

Bhandara Unseasonal Rain News: भंडारा के पुरानी पिपरी और चिचोली में तेज आंधी-तूफान से 60 घर क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ और बिजली के पोल गिरने से आपूर्ति ठप हो गई, जबकि दो गायों की मौत की पुष्टि हुई है।
A severe storm and unseasonal rain damaged 60 houses in Bhandara. The disaster uprooted trees and power poles, causing blackouts and leading to the death of two cows.
चिचोली में तेज आंधी-तूफान (सोर्स - नवभारत)
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Bhandara Unseasonal Rain Property Damage: जवाहरनगर से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित पुरानी पिपरी और चिचोली क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचा दी। दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज तूफान के कारण ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा।

मकानों की टीन और छप्पर उड़े

प्राथमिक जानकारी के अनुसार आंधी-तूफान की चपेट में आने से करीब 60 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई मकानों की टीन और छप्पर उड़ गए, जबकि कुछ घरों की दीवारों में दरारें आने की भी जानकारी सामने आई है।

भंडारा ग्रामीणों ने बताया कि तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों के बाहर रखे सामान भी दूर तक बिखर गए। हालांकि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन दो गायों की मौत होने की पुष्टि आपदा प्रबंधन विभाग ने की है। यह घटना पिपरी (चिचोली) क्षेत्र की बताई जा रही है। तेज हवाओं के कारण गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और घरों के पास गिर पड़े।

इससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। वहीं कई स्थानों पर बिजली के पोल गिर जाने से पूरे इलाके की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को रात में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में अंधेरा छा गया और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

आर्थिक मदद देने की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का प्राथमिक आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नुकसान के आंकड़े प्रारंभिक हैं और विस्तृत सर्वेक्षण के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल की जाए, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।

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