अड्याल में अनियंत्रित रफ्तार का कहर, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी, एसपी व विधायक को सौंपा ज्ञापन

पवनी तहसील के अड्याल गांव में तेज रफ्तार वाहनों के कारण स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने सुरक्षा उपायों की मांग की है, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
अड्याल में अनियंत्रित रफ्तार का कहर, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी, एसपी व विधायक को सौंपा ज्ञापन
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Bhandara News: जिले के पवनी तहसील अंतर्गत अड्याल गांव में मुख्य सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार ने स्थानीय नागरिकों की नींद उड़ा दी है. आए दिन होने वाले हादसों और तेज रफ्तार वाहनों के कारण अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया है. गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर सुरक्षा उपाय और गति सीमा निर्धारित नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन छेड़ेंगे.

अड्याल गांव के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर दिनरात भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. बनी रहती दुर्घटना की आशंका विशेष रूप से लाल मिट्टी का परिवहन करने वाले ट्रक और डंपर बिना किसी गति सीमा के दौड़ते हैं. स्थिति तब और गंभीर हो जाती है क्योंकि गांव के स्कूल, आंगनवाड़ी और अस्पताल इसी मुख्य मार्ग के किनारे स्थित हैं. स्कूल जाने वाले नन्हे विद्यार्थियों और उपचार के लिए आने वाले बुजुर्ग मरीजों को सड़क पार करते समय अपनी जान हथेली पर रखनी पड़ती है.

ग्रामीणों का कहना है कि जहां स्कूल और अस्पताल होते हैं, वहां नियमानुसार वाहनों की गति बेहद कम होनी चाहिए, लेकिन चालक यहां यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं. यहां पर हमेशा ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों ने सुनाई अपनी व्यथा इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भंडारा जिले के पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन और स्थानीय विधायक नरेंद्र भोंडेकर से मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई.

उन्हें सौंपे गए ज्ञापन में कुछ प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें मुख्य मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर तत्काल प्रभाव से गतिरोधक ब्रेकर बनाने, रात के समय हादसों को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर लगाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी कैमरे व ईचालान प्रणाली शुरू करने की मांग शामिल है. इसके अलावा, वाहन चालकों को सचेत करने के लिए जगह-जगह गति सीमा के बोर्ड लगाने का भी आग्रह किया गया है.

आरपार की लड़ाई की तैयारी जिला पुलिस अधीक्षक और विधायक ने इस विषय पर सकारात्मक चर्चा की है और जल्द उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीण अब केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. अड्यालवासियों का कहना है कि वे अपने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं. यदि प्रशासन 15 दिनों में इन मांगों को पूरा नहीं करता, तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

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