60 आदिवासी किसानों को मिला आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, भंडारा में मुफ्त कृषि किट का वितरण

Tribal Farmers Training: केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर द्वारा अनुसूचित जनजाति विकास कार्ययोजना के तहत लेंडेझरी में 60 आदिवासी किसानों के लिए कृषि प्रशिक्षण एवं कृषि सामग्री वितरित की गई। 
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Agriculture Kit Distribution (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Agriculture Kit Distribution: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर की ओर से जिले के अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए किसान प्रशिक्षण एवं कृषि सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन लेंडेझरी में किया गया।

यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की अनुसूचित जनजाति विकास कार्ययोजना के अंतर्गत संस्थान के निदेशक डॉ. वी. एन. वाघमारे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनजाति वर्ग के किसानों को बैटरी संचालित स्प्रे पंप, तिरपाल, फसल सुरक्षा किट, कीटनाशक, जिंक एवं बोरॉन युक्त उर्वरक सहित विभिन्न कृषि सामग्री का वितरण किया गया।

इस अवसर पर डॉ. दीपक नगराले वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक, आर. एम. रामटेके तकनीकी अधिकारी, सुजीत कुंभरे तकनीकी अधिकारी, चेतन वासनिक सहायक कृषि अधिकारी, दीपक घोड़ीचोर, गांव के पूर्व पदाधिकारी, पुलिस पाटिल तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान की पहल

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. दीपक नगराले ने अनुसूचित जनजाति विकास कार्ययोजना के उद्देश्यों, किसान हित में संचालित विभिन्न योजनाओं तथा खेती बचाओ अभियान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को धान की फसल में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण के बारे में जानकारी दी और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

जैविक कृषि के उपयोग पर जोर दें

आर. एम. रामटेके ने धान की खेती में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ गोबर खाद, हरी खाद, जैविक उर्वरकों और अन्य जैविक कृषि आदानों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए जैविक और प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग आवश्यक है।

जनजातीय किसानों को स्प्रे पंप और कृषि सामग्री

कार्यक्रम का संचालन सुजीत कुंभरे ने किया, जबकि किसानों का पंजीयन, कार्यक्रम समन्वय एवं आभार प्रदर्शन आर. एम. रामटेके ने किया. कार्यक्रम का लाभ लेंडेझरी और खापा के 60 अनुसूचित जनजाति किसानों ने उठाया। प्रशिक्षण के साथ कृषि सामग्री का वितरण होने से किसानों ने संतोष व्यक्त किया और इसे खेती के लिए उपयोगी पहल बताया।

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