मानसून से पहले पशुओं के टीकाकरण का विशेष अभियान, भंडारा में युद्ध स्तर पर तैयारी

Livestock Vaccination Drive: भंडारा जिले में मानसून के दौरान पशुओं को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए पशुसंवर्धन विभाग ने विशेष रोगनिरोधक टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
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Livestock Vaccination (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Animal Husbandry Department: वर्षा ऋतु में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए पशुसंवर्धन विभाग ने कमर कस ली है। मानसून के आगमन को देखते हुए अब मानसून पूर्व रोगनिरोधक टीकाकरण अभियान युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। पशुधन का स्वास्थ्य बनाए रखना और पशुपालकों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना विभाग का मुख्य उद्देश्य है।

भंडारा जिला सहायक पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. विलास गाडगे ने बताया कि निर्धारित लक्ष्यों की शतप्रतिशत पूर्ति के लिए विभाग की ओर से सूक्ष्म व कड़ा नियोजन किया गया है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपने पशुधन का टीकाकरण कराने की अपील की है।

घटसर्प और ब्लैक क्वार्टर पर रोक के लिए पशुओं को लगाए जा रहे टीके

वर्षा ऋतु के दौरान पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है, जिससे विभिन्न संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से घटसर्प हेमरेजिया सेप्टीसीमिया और फऱ्या ब्लैक क्वार्टर जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रकोप मानसून से पहले रोकना बेहद जरूरी होता है। इन बीमारियों पर नियंत्रण पाने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र प्रभावी उपाय है। वैक्सीन की गुणवत्ता और उसकी प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए पशुसंवर्धन विभाग ने कोल्ड चेन शीत श्रृंखला प्रबंधन को बेहद दुरुस्त रखा है।

विभाग ने किया सूक्ष्म नियोजन

राज्य स्तर से लेकर ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों तक वैक्सीन पहुंचाते समय आवश्यक तापमान बनाए रखने के लिए आधुनिक कोल्ड बॉक्स का उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग की ओर से तहसील और जिला स्तर पर विशेष सूक्ष्म नियोजन किया गया है। आवश्यकता के अनुसार वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक जिले में पहले ही वितरित कर दिया गया है।

तैनात किए विशेष दल

अभियान के क्रियान्वयन के लिए पशु चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के विशेष दलों को तैनात किया गया है। ये दल सीधे गांवों में पहुंचकर पशुपालकों के तबेले और गोठ तक डोर स्टेप पद्धति से पशुओं को टीका लगा रहे हैं। सभी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एक भी पशु टीकाकरण से छूटना नहीं चाहिए।

पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग

सहायक पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. विलास गाडगे ने कहा कि सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पशु के टीकाकरण के बाद उसकी प्रविष्टि केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल भारत पशुधन प्रणाली पर रियलटाइम की जाए। इस प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने के लिए पशुधन की विशिष्ट पहचान टैगिंग, इयर टैगिंग करके ही ऑनलाइन पंजीकरण करने का बंधन लगाया गया है।

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