

Sakoli Vegetable Market: भंडारा जिले के साकोली तहसील के एकोडी रोड स्थित थोक सब्जी बाजार और रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार की बदहाल स्थिति ने स्थानीय प्रशासन के विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस बाजार से नगर परिषद को हर वर्ष लाखों रुपये की आय होती है, वहीं किसान, व्यापारी और ग्राहक पानी, शौचालय, स्वच्छता, पक्की जमीन और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। बारिश होते ही पूरा बाजार कीचड़ और गंदगी से पट जाता है।
कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ समय के लिए थोक सब्जी बाजार शंकरपट मैदान में लगाया गया था। बाद में स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के चलते इसे एकोडी रोड पर पुरानी गणेश टॉकीज के समीप स्थानांतरित किया गया। बाजार को नई जगह लाते समय व्यापारियों को बेहतर सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। एकोडी रोड पर थोक व्यापारियों के बैठने से कई बार यातायात बाधित होने की समस्या भी सामने आती है। व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
बाजार परिसर में पक्की जमीन और उचित जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दिनों में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। किसानों को सब्जियों से भरे वाहन लाने और माल उतारने में परेशानी होती है। चिल्लर व्यापारी और ग्राहक भी कीचड़ से होकर खरीदारी करने को मजबूर होते हैं। फिसलने की घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
हाल ही में एकोडी रोड पर पे एंड यूज शौचालय बनाया गया है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि बाजार परिसर में दो-तीन स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने चाहिए। साप्ताहिक बाजार में पर्याप्त शौचालय नहीं होने से कई लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। इससे महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। बाजार में पानी की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। सब्जियों की बिक्री और सफाई दोनों के लिए पानी आवश्यक है। स्थानीय सब्जी विक्रेता शंकर लांजेवार, मुकेश मल्लानी, योगेश गोटेफोडे, उमेश वाडीभस्मे, सुधाकर वाघाडे और सुरेश करंजेकर सहित अन्य व्यापारियों ने परिसर में दो-तीन बोरवेल लगाने की मांग की है।
नियमित सफाई के अभाव में बाजार में कचरा और सड़ी-गली सब्जियां पड़ी रहती हैं। इससे सूअर, कुत्ते और अन्य आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। पशुओं से सब्जियों को नुकसान पहुंचने के साथ दुर्घटना और संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
व्यापारियों का कहना है कि नगर परिषद को बाजार से विभिन्न शुल्कों के माध्यम से लाखों रुपये की आय होती है। ऐसे में बाजार के विकास पर भी पर्याप्त राशि खर्च होनी चाहिए। किसानों और व्यापारियों ने जमीन का समतलीकरण कर पक्का फर्श, नालियां, पर्याप्त शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और नियमित सफाई की मांग की है।
किसानों का कहना है कि वे खेतों में मेहनत कर सब्जियां पैदा करते हैं, लेकिन बाजार में उन्हें व्यवस्थित स्थान तक नहीं मिलता। बारिश में सब्जियां खराब होने का खतरा रहता है और व्यापारियों को अपने खर्च पर टेंट लगाकर कारोबार करना पड़ता है। नागरिकों की मांग है कि नगर परिषद बाजार का स्थायी विकास कर इसे स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त सब्जी मंडी का स्वरूप दे।