

Murtizapur Grahak Panchayat: वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य एमआरपी के नाम पर ग्राहकों की कथित आर्थिक ठगी और भ्रामक मूल्य निर्धारण के खिलाफ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने आवाज बुलंद की है। संगठन की मुर्तिजापुर तहसील इकाई ने स्थानीय एसडीओ के माध्यम से संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि अनेक कंपनियां अपने उत्पादों पर वास्तविक मूल्य से कहीं अधिक एमआरपी अंकित कर ग्राहकों को भारी छूट का प्रलोभन देती हैं।
जबकि वस्तु की मूल कीमत कृत्रिम रूप से बढ़ाई जाती है, जिससे ग्राहक यह समझता है कि उसे विशेष छूट मिल रही है। इस प्रकार ग्राहकों को भ्रमित कर आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अ।भा। ग्राहक पंचायत के अनुसार इस तरह की प्रवृत्तियां उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ बाजार व्यवस्था पर लोगों के विश्वास को भी कमजोर कर रही हैं।
इसी के विरोध में संगठन ने देशभर में ग्राहक जागरूकता अभियान शुरू किया है तथा दिल्ली में भी आंदोलन आयोजित किया गया है। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष प्रभाकर कवठकर, चंदन अग्रवाल, रमेश जैसवाल, अशोक भावनानी, गौरव बांगड़ सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
ग्राहक पंचायत ने ज्ञापन के माध्यम से वस्तुओं पर अंकित भ्रामक एवं अवास्तविक एमआरपी पर नियंत्रण, ग्राहक संरक्षण कानून के तहत दोषी कंपनियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री में समान मूल्य नीति लागू करने तथा उपभोक्ता जागरूकता के लिए व्यापक अभियान चलाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।