

Sakoli Police Station Complaint News: भंडारा जिले के साकोली पुलिस थाना प्रभारी महादेव आचरेकर के खिलाफ विधायक विनोद अग्रवाल ने भंडारा एसपी नुरुल हसन को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने आरोप लगाया है कि सड़क दुर्घटना प्रकरण की जांच के दौरान उनके साथ असभ्य, उपेक्षापूर्ण और अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।
इस शिकायत के बाद साकोली पुलिस की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में बढ़ती कथित अवैध गतिविधियां चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। शिकायत के अनुसार 29 अप्रैल 2026 की रात लगभग 11 बजे भंडारा-साकोली-कोहमारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनके रिश्तेदार के स्वामित्व वाले वाहन (क्र. एमएच-35-बीसी-9911) से एक पैदल यात्री दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
विधायक विनोद अग्रवाल का कहना है कि दुर्घटना के बाद वे स्वयं साकोली के शासकीय अस्पताल से एंबुलेंस लेकर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने उपचार की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए, विधायक ने बताया कि घटना के बाद वे स्वयं साकोली पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी।
उस समय पूर्व विधायक राजेश काशीवार तथा भंडारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुनील फंडे भी मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई जारी होने की बात कहकर उन्हें जाने के लिए कहा।
विनोद अग्रवाल का आरोप है कि अगले दिन बीमा दावा प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट की प्रति मांगने पर उनके वाहन चालक को घंटों थाने में बैठाए रखा गया। कई बार दूरभाष से संपर्क करने के बावजूद थाना प्रभारी ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में प्राप्त रिपोर्ट में वाहन के दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाने का उल्लेख किया गया, जबकि उन्होंने स्वयं घायल को अस्पताल पहुंचाया था।
विधायक ने इसे तथ्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि को जांच प्रक्रिया में उपेक्षा और संवादहीनता का सामना करना पड़ रहा है तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिल रहा होगा, इधर, साकोली क्षेत्र में गांजा बिक्री, मटका, ऑनलाइन सट्टा, अवैध शराब कारोबार, रेत तरकरी और गोवंश तस्करी जैसी कथित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विधायक ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर थाना प्रभारी महादेव आचरेकर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।