भंडारा में हाई वोल्टेज ड्रामा! शिव स्मारक विवाद में कूदे MLA भोंडेकर, बीच सड़क पुलिस को ललकारा, कहा- हिम्मत है

MLA Narendra Bhondekar Bhandara: भंडारा जिले में विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने पुलिस को दी खुली चुनौती। खोकरला में शिव स्मारक पूजन कर बोले- "हिम्मत है तो मुझ पर भी मामला दर्ज करें।" जानें पूरा मामला।
High voltage drama in Bhandara's Khokarla as MLA Narendra Bhondekar dares police to arrest him over Shiv Smarak dispute.
विधायक नरेंद्र भोंडेकर (सौजन्य-इंस्टाग्राम)
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Khokarla Shiv Smarak Controversy: भंडारा में बिना अनुमति छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक की स्थापना का आरोप लगाकर खोकरला में पांच युवकों पर मामला दर्ज करने की घटना अभी ताजी ही थी कि विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे दी है। गुरुवार को खोकरला पहुंचकर उन्होंने स्वयं छत्रपति शिवाजी महाराज का पूजन किया और पुलिस को ललकारते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो मुझ पर भी मामला दर्ज करके दिखाएं।

शिव जयंती के अवसर पर विधायक नरेंद्र भोंडेकर अपने समर्थकों के साथ खोकरला गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र शासन से वेतन लेकर 'मुगलिया' विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पुलिस अधिकारियों का हम निषेध करते हैं।

युवकों पर की गई इस कार्रवाई से शिव प्रेमियों में भारी आक्रोश है। भोंडेकर ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी केवल अपने वरिष्ठों से प्रशंसा पाने के लिए ऐसी अनुचित कार्रवाई कर रहे हैं।

विवादित स्थल पर किया शिव पूजन

खोकरला की जिस विवादित जगह पर स्मारक को लेकर तनाव बना हुआ है, विधायक भोंडेकर ने ठीक उसी स्थान पर जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित किया और विधि-विधान से पूजन किया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शिवराय का पूजन करना अपराध है, तो यह अपराध मैंने किया है। उन्होंने पुलिस को सीधे चुनौती दी कि वे उन पर मामला दर्ज करें। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

विश्व हिंदू परिषद का विरोध

उल्लेखनीय है कि खोकरला गांव में बिना आधिकारिक अनुमति के शिव स्मारक स्थापित करने और पूजन करने का आरोप लगाते हुए पुलिस ने पिछले दिनों पांच स्थानीय युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विश्व हिंदू परिषद ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया था और चेतावनी दी थी कि यदि ये मामले तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अब विधायक भोंडेकर के इस विवाद में सीधे उतरने के बाद प्रशासन की अगली भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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