

Chulband River Bhandara: लाखनी तहसील के अंतिम छोर पर स्थित खुनारी गांव में चुलबंद नदी के बहते पानी में बड़ी मात्रा में दवाइयों का जखीरा मिलने से एक बार फिर पर्यावरण सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला गुरुवार, 9 जुलाई को उस समय सामने आया जब गांव के पूर्व सरपंच हेमंतकुमार सेलोकर ने नदी का निरीक्षण किया।
उन्होंने देखा कि नदी के दाहिने किनारे पर प्लास्टिक में पैक सैकड़ों दवाइयों की स्ट्रिप्स पड़ी थीं, जबकि बड़ी मात्रा में दवाइयां पानी के तेज बहाव के साथ आगे बह चुकी थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये दवाइयां संभवतः एसिडिटी के उपचार में उपयोग की जाती हैं। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों और प्लास्टिक कचरे को नदी में फेंकना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
नदी में रहने वाले जलीय जीवों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, वहीं प्लास्टिक प्रदूषण भी बढ़ने की आशंका है।गौरतलब है कि इससे पहले 28 जून को भी इसी नदी में बड़ी मात्रा में सैनिटाइजर का जखीरा मिला था। उस समय औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया था। इसके बावजूद दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने से प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि नदी में फेंके गए इस चिकित्सा कचरे को तत्काल हटाया जाए तथा इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और सख्त उपाय किए जाएं।