

Tumsar Bus Incident News: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल एसटी की बस में एक बार फिर बस वाहक की मनमानी और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। साकोलीतुमसर मार्ग पर एक गरीब यात्री को केवल 1 रुपये के खुल्ले पैसों के विवाद में बस से नीचे उतार दिया गया, जिसके कारण यात्री को अंधेरे में असुरक्षित सफर करने पर मजबूर होना पड़ा।
गुरुवार की शाम करीब 640 बजे तुमसर डिपो की साकोलीतुमसर बस क्रमांक एमएच 40/9342 एकोडी रोड से आगे बढ़ रही थी। इस बस में पिंडकेपार निवासी महेश पतिराम राजवाडे सवार हुए। साकोली से पिंडकेपार का किराया 14 रुपये था। महेश ने कंडक्टर बोरकर को 100 रुपये के नोट के साथ 4 रुपये चिल्लर दिए ताकि उसे शेष राशि वापस मिल सके। कंडक्टर ने 15 रुपये पूरे देने की जिद पकड़ ली और यात्री के साथ बहस शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर कंडक्टर ने मानवीयता को ताक पर रखते हुए खैरलांजी गांव के पास निर्जन और अंधेरी जगह पर बस रुकवा दी और महेश को जबरन नीचे उतार दिया। बस चालक वाघमारे ने कंडक्टर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कंडक्टर अपनी जिद पर अड़ा रहा। पीड़ित महेश राजवाडे ने बताया कि इस अपमानजनक व्यवहार के बाद उन्हें रात के अंधेरे में पैदल चलकर अपने गांव पहुंचना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंडक्टर के पास चिल्लर पैसे थे, फिर भी उन्हें जानबूझकर परेशान किया गया।
पीड़ित यात्री ने साकोली बस डिपो पहुंचकर घटना की शिकायत की है और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर आक्रोश जताते हुए सवाल किया है कि क्या परिवहन विभाग किसी यात्री को असुरक्षित स्थान पर उतारने की अनुमति देता है इस घटना से एसटी महामंडल की छवि पर गहरा धक्का लगा है।