मौत के चंगुल से छुटा चरवाहा, लाखनी में बाघ का हमला, तीन दिन में दूसरी घटना से मची दहशत

Lakhani Tiger Attack: लाखनी वनपरिक्षेत्र के सोनमाला जंगल में मवेशी चराने गए 50 वर्षीय चरण मेश्राम पर बाघ ने हमला कर दिया। तीन दिनों में बाघ के हमले की यह दूसरी घटना है।
lakhani tiger attack shepherd sonmala forest
लाखनी बाघ हमला(सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Sonmala Forest Rang: भंडारा जिले के लाखनी वनपरिक्षेत्र के सहवन क्षेत्र लाखनी अंतर्गत सोनमाला संरक्षित बीट के कक्ष क्रमांक 125 के जंगल में मवेशी चराने गए एक व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर दिया। यह घटना 10 अगस्त को दोपहर करीब 1।30 बजे हुई। हमले में सोनमाला निवासी चरण लक्ष्मण मेश्राम (50) घायल हो गए। तीन दिनों के भीतर इसी क्षेत्र में बाघ के हमले की यह दूसरी घटना होने से नागरिकों में भय का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, चरण मेश्राम मवेशियों को लेकर जंगल में गए थे। इसी दौरान अचानक बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। बाघ के हमले में वे घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया। घटना की जानकारी मिलते ही सोनमाला बीट की महिला वनरक्षक गायत्री मेश्राम अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। घायल चरण मेश्राम को तत्काल मुरमाड़ी/तूप। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए सामान्य अस्पताल, भंडारा रेफर किया गया। फिलहाल उनका उपचार जारी है।

lakhani tiger attack shepherd sonmala forest
गोबरवाही में बाघ का आतंक, आदमखोर बाघ को पकड़ने ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन

तीन दिन में दूसरी घटना

वनपरिक्षेत्र अधिकारी नितेश धनविजय के अनुसार, घटना के बाद भंडारा की आरआरटी टीम को मौके पर बुलाया गया है। लाखनी वनपरिक्षेत्र के वनकर्मियों की मदद से बाघ की तलाश की जा रही है। जंगल में लगाए गए ट्रैप कैमरों की जांच की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त ट्रैप कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसी क्षेत्र से सटे रामपुरी बीट के कक्ष क्रमांक 123 के मोगरा जंगल परिसर में 7 अगस्त को शाम करीब 5 बजे 22 वर्षीय युवक करण डहाके पर भी बाघ ने हमला किया था। महज तीन दिनों के भीतर बाघ के हमले की दूसरी घटना सामने आने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा लगातार जंगल में नहीं जाने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ नागरिक जोखिम उठाकर जंगल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है।

वन विभाग सतर्क, नागरिकों से सावधानी की अपील

घटना के बाद वन विभाग ने रामपुरी बीट के कक्ष क्रमांक 123 के मोगरा जंगल क्षेत्र के साथ ही सोनमाला जंगल में भी गश्त बढ़ा दी है। ट्रैप कैमरों की मदद से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी नितेश धनविजय ने नागरिकों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की है। मवेशियों को चराने के लिए ले जाते समय साथ में मजबूत लाठी रखने तथा संभव हो तो समूह में ही जंगल क्षेत्र में जाने की सलाह दी गई है। जंगल में हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान वन विभाग ने किया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com