Bhandara News: मोहाडी तहसील के वैनगंगा नदी किनारे बसे कान्हलगांव मुंढरी में गंदगी की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है. हैरानी की बात यह है कि पिछले वर्ष गैस्ट्रो जैसी बीमारी फैलने के बाद भी ग्राम पंचायत ने हालात सुधारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए हैं. 30 अक्टूबर 2025 को गांव में दूषित पानी के कारण गैस्ट्रो का प्रकोप फैला था, जिसमें कई लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करडी, जनरल हॉस्पिटल भंडारा तथा गांव में लगाए गए अस्थायी कैंप में भर्ती कर उपचार देना पड़ा था.
करीब 31 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे, जबकि 230 से अधिक लोगों का इलाज गांव में लगाए गए कैंप में किया गया था. घटना के महज चार महीने बाद भी गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है. गांव की नालियां गंदगी से लबालब भरी हुई हैं और कई जगहों पर सड़कों पर गंदा पानी बहता नजर आ रहा है. विशेष रूप से ग्राम पंचायत कार्यालय और जिला परिषद प्राथमिक स्कूल के सामने की स्थिति बेहद खराब है, जिससे छात्रों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है.
करीब 1500 की आबादी वाले इस गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता और पक्की सड़कें होने के बावजूद स्वच्छता के अभाव ने हालात बिगाड़ दिए हैं. जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि गांव के विकास और स्वच्छता के प्रति उदासीन हैं, जिससे गंदगी का साम्राज्य फैलता जा रहा है.
इस मुद्दे पर जब वैद्यकीय अधिकारी डॉ. मदनकर से चर्चा की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों से गांव का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल नालियों की सफाई कराई जाए और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने से रोका जा सके.