भंडारा में कम बारिश की आशंका, पालकमंत्री पंकज भोयर ने दिए पानी के सूक्ष्म नियोजन के निर्देश

Bhandara Kharif Meeting: अल नीनो के प्रभाव से कम बारिश की आशंका के बीच भंडारा के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने पानी के सूक्ष्म नियोजन और बोगस बीज विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Amid El Nino warnings of low rainfall, Bhandara Guardian Minister Dr. Pankaj Bhoyer directed strict water micro-planning and action against bogus seed vendors.
समीक्षा बैठक पालकमंत्री पंकज भोयर (सोर्स: फोटो नवभारत)
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Bhandara Kharif Meeting Pankaj Bhoyer Minister: इस वर्ष अल नीनो के कारण जिले में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे बारिश कम होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए खरीफ सीजन में किसानों को खेती के लिए पानी का सूक्ष्म नियोजन करना चाहिए, ऐसे निर्देश जिले के पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दिए हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित खरीफ पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोल रहे थे।

बैठक में सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, विधायक राजू कारेमोरे, जिलाधिकारी सावन कुमार, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने और जिला परिषद अध्यक्ष कविता उइके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित थीं।

पालक मंत्री ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पंचनामा पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध होने चाहिए। जिलाधिकारी जल्द ही कृषि व्यवसायियों की बैठक लेकर नकली बीजों की बिक्री पर रोक लगाएं।

जिला व तहसील स्तर पर शिकायत निवारण कक्ष हों

कृषि विभाग उड़न दस्तों पर नियंत्रण रखे और अधिकारी सतर्क रहकर बोगस बीज विक्रेताओं पर नकेल कसें। खाद, बीज की बिक्री के बाद दुकानदार किसानों को पक्का बिल जरूर दें। रेशम और कृषि विभाग किसानों के प्रशिक्षण का नियोजन कर उन्हें रेशम खेती के लिए प्रोत्साहित करें। बैठक में सांसद व विधायक की ओर से उठाए गए मुद्दों पर भी पालक मंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वागत और सादरीकरण कृषि अधिकारी संगीता माने ने किया।

जिले में कृषि इनपुट्स पर नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर एक उड़न दस्ता और जिला व तहसील स्तर पर शिकायत निवारण कक्ष स्थापित किया जाए। साथ ही, शिकायत निवारण कक्ष का एक समर्पित मोबाइल नंबर भी घोषित किया जाए।

भंडारा जिले में खरीफ फसलों का क्षेत्र 1,98,097 हेक्टेयर है, जिसमें धान, अरहर, गन्ना, सब्जियां, सोयाबीन, कपास, हल्दी और तिल्ली जैसी फसलें ली जाती हैं। कम बारिश की आशंका को देखते हुए पानी का सूक्ष्म नियोजन बेहद जरूरी है। संकट के समय राहत के लिए किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं, इसके लिए कृषि विभाग जागरूकता पैदा करे।

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