भंडारा में SIR अभियान को लेकर शिक्षकों की मांग, दोपहर 2 बजे बाद कार्यमुक्त करने की अपील
Electoral Roll Revision: भंडारा में विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण SIR अभियान में नियुक्त शिक्षकों को दोपहर 2 बजे बाद कार्यमुक्त करने की मांग उठी है। संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा।
Teachers Demand (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara SIR Campaign: विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण एसआईआर अभियान में लगाए गए निजी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिदिन दोपहर 2 बजे के बाद एसआईआर कार्य के लिए कार्यमुक्त किया जाए तथा शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों पर अतिरिक्त शासकीय जिम्मेदारियों का बोझ कम कर विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को प्राथमिकता दी जाए।
यह मांग मुख्याध्यापक संघ ने उपजिलाधिकारी लीना फालके माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से की है। ज्ञापन में कहा गया है कि एसआईआर अभियान के कारण शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है, जिससे नियमित शिक्षण, विद्यार्थियों का शैक्षणिक मार्गदर्शन, मूल्यांकन तथा विद्यालयों के दैनिक प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शिक्षकों पर SIR कार्य का बढ़ा बोझ
वर्ष 202627 का शैक्षणिक सत्र अभी शुरू हुआ है और यह विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की एसआईआर कार्य में नियुक्ति से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। यह मांग मुख्याध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद धार्मिक, कार्यकारी सचिव बिपिनचंद्र रायपूरकर, सचिव राजू बांते तथा कार्यकारी सदस्य अर्चना बावणे, राधेश्याम धोटे, सुनील घोल्लर और राजू भोयर ने की है।
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निजी शिक्षकों को नहीं है काम से छूट
मुख्याध्यापक संघ ने विशेष रूप से निजी माध्यमिक विद्यालयों में बीएलओ के रूप में नियुक्त शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें एसआईआर कार्य के लिए किसी प्रकार की कार्यछूट या समय संबंधी सुविधा नहीं दी गई है। इससे शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संघ ने जिलाधिकारी के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं।
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मुख्याध्यापक संघ ने जिलाधिकारी से मांगी राहत
इनमें शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बीएलओ तथा बीएलओ सहायक के रूप में की गई नियुक्तियां निरस्त करना, एसआईआर का कार्य वैकल्पिक शासकीय तंत्र के माध्यम से कराना, निजी माध्यमिक विद्यालयों के बीएलओ शिक्षकों को प्रतिदिन दोपहर 2 बजे के बाद एसआईआर कार्य के लिए कार्यमुक्त करना, इस संबंध में शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को आवश्यक निर्देश जारी करना तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को पूर्ण समय अध्यापन के लिए उपलब्ध कराने हेतु तत्काल निर्णय लेने की मांग शामिल है।
