

Bhandara News: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई डिजिटल पेमेंट प्रणाली को भंडारा जिले में व्यापक प्रतिसाद मिल रहा है। जिले की साधारण और ई-बसों सहित कुल 395 बसों में अब यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से टिकट लेने की सुविधा पूरी तरह लागू हो चुकी है। इस नई व्यवस्था से यात्रियों और कंडक्टरों के बीच चिल्लर (फुटकर पैसे) को लेकर होने वाले विवादों से काफी हद तक राहत मिली है। अब यात्री सीधे क्यूआर कोड स्कैन कर PhonePe, Google Pay या अन्य यूपीआई ऐप्स के जरिए भुगतान कर सकते हैं।
भंडारा परिवहन विभाग के अंतर्गत भंडारा, साकोली, पवनी, तुमसर, गोंदिया और तिरोडा इन छह डिपो का समावेश है। सभी डिपो के कंडक्टरों को आधुनिक एंड्रॉयड टिकट इश्यू मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी स्क्रीन पर दिखने वाले क्यूआर कोड को स्कैन कर टिकट लिया जा सकता है।
पिछले एक वर्ष में लगभग 10 लाख यात्रियों ने इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाया है। आंकड़ों के अनुसार, इस प्रणाली से महामंडल को सालाना 7 से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पहले जहां चिल्लर की कमी के कारण यात्रियों और कर्मचारियों के बीच तनाव रहता था, वहीं अब सटीक डिजिटल भुगतान से यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो गई है।
तकनीकी दृष्टि से भी यह प्रणाली सुरक्षित मानी जा रही है। यदि किसी कारणवश भुगतान असफल होता है, तो 72 घंटों के भीतर रिफंड की पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है।
महामंडल द्वारा इस सुविधा को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान कंडक्टर से क्यूआर कोड के माध्यम से ही टिकट लेने को प्राथमिकता दें, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
विभाग नियंत्रक नीलेश बेलसरे के अनुसार, यूपीआई सुविधा से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि यात्रियों का विश्वास भी एसटी सेवा के प्रति और मजबूत हुआ है।