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भंडारा एसटी विभाग में UPI सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 18,89,990 डिजिटल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।
भंडारा, साकोली, तुमसर, पवनी, तिरोड़ा और गोंदिया डिपो की बसों में QR कोड से भुगतान किया जा सकता है।
डिजिटल भुगतान को सुचारू बनाने के लिए विभाग को 836 एंड्रॉइड टिकट मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
Bhandara ST Division: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की बसों से यात्रा करते समय टिकट के लिए चिल्लर पैसों की समस्या अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है। भंडारा विभाग में एसटी बस यात्रियों को एंड्रॉइड टिकट मशीनों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से किराया भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इस डिजिटल व्यवस्था ने न केवल नकदी पर निर्भरता कम की है, बल्कि परिचालकों (कंडक्टरों) के लिए टिकट का हिसाब संभालना भी बेहद आसान बना दिया है। यूपीआई सुविधा की शुरुआत से अब तक विभाग में 18 लाख 89 हजार 990 व्यवहार दर्ज हुए है। इसके जरिए 23 करोड़ 21 लाख 62 हजार 300 रुपए का कुल डिजिटल कारोबार दर्ज किया गया है।
भंडारा विभाग के अंतर्गत भंडारा, साकोली, तुमसर, पवनी, तिरोड़ा और गोंदिया इन 6 डिपों की सभी बसों में यूपीआई भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए विभाग को कुल 836 एंड्रॉइड टिकट मशीनें प्रदान की गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल टिकट बिक्री में से करीब 15 से 20 प्रतिशत भुगतान यूपीआई के जरिए हो रहा है। 1 लाख 20 हजार 345 टिकटों की बिक्री से 1 करोड़ 61 लाख 80 हजार 314 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
डिजिटल टिकट सुविधा का लाभ केवल यात्रियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिचालकों के काम का तनाव भी काफी कम हुआ है। दिनभर की नकदी संभालना, चिल्लर पैसों की व्यवस्था करना और हिसाब का मिलान करने जैसी दिक्कतों से राहत मिली है। इसके अलावा, यूपीआई से सीधे बैंक खाते में राशि जमा होने से लेनदेन में पारदर्शिता भी आई है।
भंडारा संभागीय यातायात नियंत्रक नीलेश बेलसरे ने कहा कि यात्री टिकट कटाते समय कंडक्टर के पास मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर आसानी से यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। इससे जेब में नकदी या चिल्लर पैसे न होने पर भी यात्रा सुगम हो जाती है। विशेष रूप से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए यह सेवा अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है।