Bhandara News: भंडारा में OBC जातीय जनगणना की मांग तेज, 70वें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन

OBC Sangharsh Samiti: भंडारा में OBC संघर्ष समिति का जातिवार जनगणना की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन 70वें दिन भी जारी है। समिति के कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाओ आंदोलन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
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भंडारा ओबीसी आंदोलन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara OBC Protest: ओबीसी कैटेगरी में आने वाली जातियों के संगठनों का जातिवार जनगणना की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ओबीसी संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन रविवार को 70वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के तहत समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विधायक नरेंद्र भोंडेकर, तुमसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजू कारेमोरे के निवास पर पहुंचकर ढोल बजाओ आंदोलन किया और सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। आंदोलन के दौरान त्रिमूर्ति चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली।

ढोलडफली बजाते हुए ओबीसी की जातिवार जनगणना करो, हमारा हक हमें दो जैसे नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना था कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान ओबीसी समाज की मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए यह प्रतीकात्मक आंदोलन किया गया। समिति के मुख्य समन्वयक सदानंद इलमे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र में अनुसूचित जाति एससी और अनुसूचित जनजाति एसटी का स्पष्ट उल्लेख है, लेकिन ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं रखा गया है।

जातिवार जनगणना की मांग को लेकर OBC संगठनों का प्रदर्शन

उन्होंने इसे ओबीसी समाज के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि 70 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, इसलिए अब ढोल बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने विधायक कारेमोरे, भोंडेकर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि वे संसद और विधानसभा में ओबीसी जातीय जनगणना तथा समाज की अन्य मांगों को मजबूती से उठाएं। समिति का कहना है कि यह लड़ाई केवल भंडारा जिले तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे राज्य और देश के ओबीसी समाज के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।

समिति की प्रमुख मांगें

ओबीसी की बिना किसी शर्त के जातिवार जनगणना कराई जाए। किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की जाए। ओबीसी समाज को जनसंख्या के अनुपात में बजट में हिस्सा मिले। ओबीसी विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाए। महाज्योति संस्था के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष निधि उपलब्ध कराया जाए। महाराष्ट्र के सभी जिलों में रिक्त शिक्षक पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।आंदोलन तेज करने की चेतावनीआंदोलन में सदानंद इलमे, प्रभाकर वैरागड़े, भगीरथ बोटे, संजय मते, डॉ. बालकृष्ण सार्वे, रोशन उरकुड़े सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

ओबीसी सेवा संघ और सकल ओबीसी महामोर्चा ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा। आंदोलन के चलते भंडारा का राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है और अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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