

Bhandara Weather Update: भंडारा जिले में मानसून की बेरुखी ने किसानों और आम नागरिकों की रातों की नींद और दिन का सुकून उड़ा दिया है। जून समाप्त होने की कगार पर है, लेकिन जिले में अब तक मानसून जैसी जोरदार बारिश अब तक नहीं हुई है। रोजाना आसमान में काले बादल छाते हैं, लेकिन बादल बिना बरसे ही आगे निकल जाते हैं।
मौसम विभाग लगातार बारिश का अनुमान जारी कर रहा है, परंतु जिले के हाथ केवल हल्की फुहारें ही लग रही हैं। इस स्थिति के कारण खरीफ फसलों की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे किसान अब सूखे की आशंका से घिर गए हैं। वैसे इस वर्ष पहले ही अलनीनो के प्रभाव के चलते पहले ही सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई गई थी, जो अब सच साबित होती दिख रही है।
वर्षा की भारी कमी के कारण तापमान में गिरावट नहीं आई है और लोग उमस व तीखी गर्मी से बेहाल हैं। 29 जून तक जिले में औसतन 189.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 53.4 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। इस तरह शुरुआती दौर में ही जिले को करीब 125.9 मिलीमीटर वर्षा की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। अब जून का समय बीत चुका है और किसानों की उम्मीदें पूरी तरह जुलाई और अगस्त के मुख्य महीनों पर टिक गई हैं। इससे अबकी बार खेतों में बुआई काफी देरी से हो सकेगी।
पड़ोसी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट चौंकाने वाली बात यह है कि भंडारा के पड़ोसी जिलों, नागपुर और गोंदिया में पिछले कुछ दिनों से अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, लेकिन भंडारा जिला इस राहत से अछूता रह गया है। मौसम विभाग की ओर से जब पड़ोसी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, तब भंडारा को येलो अलर्ट था।
हालांकि, इस तीन दिनों के येलो अलर्ट के दौरान भी जिले में केवल एक दिन हल्की बूंदाबांदी हुई। यदि अगले कुछ दिनों में जोरदार बारिश नहीं होती है, तो खरीफ सीजन की फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
| तहसील | अपेक्षित वर्षा (मिमी) | वास्तविक वर्षा (मिमी) |
|---|---|---|
| भंडारा | 204.3 | 32.1 |
| साकोली | 205.7 | 137.7 |
| लाखनी | 195.5 | 37.1 |
| पवनी | 192.3 | 28.3 |
| लाखांदुर | 164.2 | 37.3 |
| तुमसर | 177.1 | 69.4 |
| मोहाड़ी | 158.9 | 65.1 |