भंडारा के जयेश क्षीरसागर भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट; 6 बार मिली असफलता, पर 7वें प्रयास में पूरा किया सपना
जयेश ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने सपने को साकार किया। उनकी सफलता की कहानी प्रेरणा देती है।
Bhandara Indian Army News: भंडारा में दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के बल पर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाने वालों के लिए जयेश क्षीरसागर की सफलता की कहानी एक मिसाल बन गई है। इस युवा ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का अपना बचपन का सपना अंततः सच कर दिखाया है।
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद जयेश को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जयेश की प्रारंभिक शिक्षा भंडारा के लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय में हुई, जिसके बाद उन्होंने नागपुर के यशवंतराव चव्हाण इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
इंजीनियरिंग के बाद उनके पास कई करियर विकल्प थे, लेकिन उनके मन में बचपन से ही सेना की वर्दी और देश सेवा का जुनून सवार था। सैन्य अधिकारी बनने की अत्यंत कठिन चयन प्रक्रिया के दौरान जयेश को एक के बाद एक छह बार असफलता का सामना करना पड़ा। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को दूर करते हुए सातवीं बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी।
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उनकी इसी अटूट जिद और निरंतरता का परिणाम रहा कि सातवें प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे जिले में गर्व और हर्ष का माहौल है।
गया में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान उपस्थित उनके मातापिता की आंखों में अपने बेटे की सफलता को देखकर गर्व के आंसू छलक आए। इस गौरवपूर्ण अवसर पर जयेश ने कहा कि देश सेवा ही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है और वे पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।
