CM फडणवीस के एक कमेंट से भंडारा जल पर्यटन प्रोजेक्ट पर लगा ब्रेक, जल संपदा विभाग ने दिए सख्त निर्देश

Bhandara Water Tourism Project: भंडारा में जल पर्यटन के दो कार्यों पर रोक। जलसंपदा विभाग ने अनुमति न होने पर आदेश दिए। सीएम फडणवीस के निर्देश पर जांच, करोड़ों की अनियमितताओं के आरोप।
Bhandara Water Tourism Project: भंडारा में जल पर्यटन के दो कार्यों पर रोक। जलसंपदा विभाग ने अनुमति न होने पर आदेश दिए। सीएम फडणवीस के निर्देश पर जांच, करोड़ों की अनियमितताओं के आरोप।
भंडारा में जल पर्यटन (सौजन्य-नवभारत)
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Bhandara Municipal Funds Misuse: गोसीखुर्द परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए बुडीत क्षेत्र में भंडारा नप द्वारा जलसंपदा विभाग की अनिवार्य अनुमति लिए बिना शुरू किए गए दो जल पर्यटन कार्यों को अंततः रोक दिया गया है। गोसीखुर्द प्रकल्प मंडल नागपुर के अधीक्षक अभियंता ने मुख्याधिकारी भंडारा को ये दोनों कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के आदेश जारी किए हैं।

भंडारा की वैनगंगा नदी पर विश्वस्तरीय जल पर्यटन विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 24 जून 2024 को लगभग 360 करोड़ रुपये की लागत से दो चरणों में बनने वाले इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। हालांकि अब इस परियोजना पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। शिवसेना (उबाठा) के जिला प्रमुख संजय रेहपाडे ने आरोप लगाया था कि जल पर्यटन के नाम पर सरकारी निधि का दुरुपयोग किया गया है।

शासन को किया गुमराह

दलित बस्ती योजना के धन का इस्तेमाल पर्यटन एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में कर शासन को गुमराह किया गया है। इस संबंध में रेहपाडे ने विधायक परिणय फुके को ज्ञापन सौंपा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक फुके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ध्यानाकर्षण किया। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।

सुरक्षा और वित्तीय जोखिम पर सवाल

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज होने के बाद अब अधिग्रहित बुडीत क्षेत्र में ऑफिसर्स क्लब के पीछे वैनगंगा नदी किनारे और कारधा पुल के समीप शुरू किए गए दोनों कामों को रोकने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि बारिश के दौरान वैनगंगा नदी का जलस्तर 247 मीटर तक पहुंच जाता है। पिछले वर्ष यह स्तर दो बार पार हो गया था। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हुई थी। ऐसे में इसी बुडीत क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर जल पर्यटन विकसित करने पर सुरक्षा और वित्तीय जोखिम को लेकर पहले ही सवाल उठाए जा चुके थे।

कई कार्य एक वर्ष से आधे-अधूरे

यह भी आरोप है कि बिना वैध पंजीकरण व पात्रता के बाहरी कंपनियों से अनुबंध कर व्यापक अनियमितताएं की गईं। गौरतलब है की भंडारा नप के अधिकतर कामों को सिर्फ आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी ही कर रही है। जिसमें से कई कार्य एक वर्ष से आधे-अधूरे पड़े हुए हैं।

मांग यह भी है की आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर इन कामों का दोबारा टेंडर किया जाए ताकि नागरी सुविधाओं के कार्य पूरे हो सकें और भंडारा की जनता को आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधूरे और घटिया निर्माण कार्यों से निजात मिल पाए।

निधि उपयोग और अनियमितताओं से जुड़े आंकड़े

वैनगंगा जल पर्यटन परियोजना की अनुमानित लागत - 360 करोड़ दलित बस्ती व नागरिक सुविधा निधि में प्राप्त राशि - 38 करोड़ आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी को भुगतान - 11.50 करोड़ श्रेयन इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा बिना कार्य किए बिल उठाए - 27 करोड़

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