भंडारा में हिट एंड रन हादसा! सुबह की सैर पर निकले दो बुजुर्गों की दर्दनाक मौत

Elderly Men Killed in Road Accident: भंडारा के धारगांव में सुबह की सैर पर निकले दो बुजुर्गों को अज्ञात वाहन ने कुचला, मौके पर ही मौत। चालक फरार, कारधा पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश तेज की।
Bhandara Hit and Run Accident
भिवाजी पंढरी बोदेले और कुंडलिक अमृत वालदे (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Bhandara Hit and Run Accident: नियति कब, कहां और कैसे जीवन पर कहर बरपा दे, इसका कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जीवनभर की भागदौड़ के बाद शांतिपूर्ण वृद्धावस्था बिताने का सपना देखने वाले दो मित्रों की जिंदगी एक दर्दनाक सड़क हादसे में समाप्त हो गई। जिले के कारधा थाना क्षेत्र अंतर्गत धारगांव में शनिवार तड़के हुए एक भीषण हिट एंड रन हादसे में दो वरिष्ठ नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई।

सुबह की सैर के लिए घर से निकले दोनों बुजुर्ग फिर कभी अपने घर नहीं लौट सके। इस घटना से पूरे धारगांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

भिवाजी बोदेले सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त थे और अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। उनके निधन से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। वहीं, कुंडलिक वालदे सिलाई का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। दो वर्ष पहले ही उन्होंने अपने बेटे को खो दिया था और अब उनके मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। उनके पीछे पत्नी और तीन बेटियां हैं। एक ही दिन गांव से दो अंतिम यात्राएं निकलने से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कारधा पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भंडारा जिला सामान्य अस्पताल भेजा गया। दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कारधा के धारगांव की घटना, सुबह की सैर बनी अंतिम यात्रा

धारगांव निवासी भिवाजी पंढरी बोदेले (72) और कुंडलिक अमृत वालदे (63) अपने मिलनसार स्वभाव और नियमित सुबह की सैर के लिए गांव में जाने जाते थे। शनिवार तड़के वे रोज की तरह टहलने निकले थे। सुबह करीब 5.30 बजे कोकणागढ़ पहाड़ी क्षेत्र की ओर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय कोकणागढ़ फाटे के पास तेज रफ्तार से आए एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक रुका भी नहीं और किसी प्रकार की मदद किए बिना मौके से फरार हो गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग बना 'डेथ ट्रैप', नहीं थम रहे हादसे

ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां पहले भी कई छोटे-बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। सड़क के मोड़ और स्पीड ब्रेकर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव में वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी का आरोप लगाया है। कारधा पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

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