भंडारा में शासकीय विश्रामगृहों का होगा कायाकल्प, करोड़ों के बजट से जुड़ेंगी आधुनिक सुविधाएं

Bhandara News: भंडारा जिले में ब्रिटिशकालीन विश्रामगृहों का संरक्षण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। करोड़ों की निधि से वीवीआईपी और वीआईपी सूट्स का निर्माण कर अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं।
bandra-223
Published on
Updated on

Bhandara Development News: भंडारा जिले में आने वाले अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले शासकीय विश्रामगृह अब आधुनिक स्वरूप में नजर आ रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन इन विश्रामगृहों का व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिसमें पुराने ब्रिटिशकालीन भवनों का संरक्षण करते हुए नई अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इमारतों का निर्माण किया जा रहा है।

जिला मुख्यालय स्थित नए विश्राम भवन का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे उपयोग के लिए तैयार कर लिया जाएगा। वहीं, लाखांदुर और पवनी में भी नए विश्रामगृहों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिकता का मेल भंडारा में आज भी ब्रिटिशकालीन सर्किट हाउस और पुराने विश्रामगृह अपनी ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए हैं। इनका संरक्षण करते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन तैयार किए जा रहे हैं, जिससे बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

करोड़ों की लागत से हो रहे विकास कार्यजिले में दो प्रमुख परियोजनाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। वीवीआईपी सर्किट हाउस के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 करोड़ 34 लाख 77 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 2 वीवीआईपी, 2 वीआईपी और 4 सामान्य सूट बनाए जा रहे हैं। पुराने विश्रामगृह के विस्तार और नवीनीकरण पर 1 करोड़ 95 लाख 67 हजार रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें 2 वीवीआईपी और 4 वीआईपी सूट का निर्माण किया गया है। यह कार्य वर्ष 202425 में पूर्ण हो चुका है।

सुविधाओं का विशेष ध्याननए और पुराने दोनों विश्रामगृहों में एसी, गीजर और शुद्ध पेयजल के लिए आरओ सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अतिथियों के लिए बेडशीट, तौलिया और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था भी नियमित रूप से की जाती है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएंकर्मचारियों की कमी को देखते हुए केयरटेकर और अन्य सेवाएं निजी एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे 24 घंटे सेवा सुनिश्चित हो रही है। विभाग का दावा है कि स्वच्छता और सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखी जा रही।

निधि में कमी नहीं होगी कुचेवारकार्यकारी अभियंता अभिजीत कुचेवार ने बताया कि, विभाग विश्रामगृहों के स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी कार्य में निधि की कमी नहीं आने दी जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com