वैनगंगा में कांग्रेस का जलसमाधि आंदोलन, किसान और परियोजना प्रभावितों के हक के लिए 5 घंटे पानी में उतरे दिग्गज
Bhandara Congress Protest News: भंडारा में किसानों, परियोजना प्रभावितों और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने वैनगंगा नदी में जलसमाधि आंदोलन किया व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर आरोप लगाए।
Congress Protest (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Wainganga River Protest: भंडारा जिले के किसानों, परियोजना प्रभावितों और शिक्षित बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर आज कांग्रेस पार्टी ने कारधा स्थित वैनगंगा नदी के पात्र में उग्र जलसमाधि आंदोलन किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले और सांसद डॉ. प्रशांत पडोले के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नदी के गहरे पानी में उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन के कारण करीब पांच घंटे तक प्रशासनिक अमले के हाथपांव फूले रहे और पूरे जिले में राजनीतिक गरमाहट बनी रही।
हर दिन 10 किसान कर रहे आत्महत्या पटोले। नदी के भीतर से ही पत्रकारों को संबोधित करते हुए नाना पटोले ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार की गलत कृषि नीतियों के कारण हर दिन औसतन 10 किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। धान खरीदी में आ रही तकनीकी अड़चनें और मक्का खरीदी की सीमित मर्यादा ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया है।
गोसीखुर्द प्रकल्प पीड़ितों को न्याय की प्रतीक्षा
इसके अलावा गोसीखुर्द परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास का मुद्दा दशकों से लंबित है, जिससे हजारों परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पटोले ने नीट परीक्षा में हुई धांधली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने गरीब और मध्यम वर्गीय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा।
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प्रशासन का तगड़ा बंदोबस्त
आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने कारधा पुल पर कड़ा पहरा लगा दिया था। सुरक्षा के मद्देनजर नदी में मोटर बोट और गोताखोरों की टीम तैनात की गई थी। अधिकारियों ने कई बार आंदोलनकारियों को पानी से बाहर आने का अनुरोध किया, लेकिन कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे।
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तो…जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा
इस प्रदर्शन में सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, जिलाध्यक्ष मोहन पंचभाई और बड़ी संख्या में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जेल भरो आंदोलन की चेतावनी। शाम को प्रशासन की ओर से मांगों का ज्ञापन स्वीकार किए जाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में जिले भर में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
