Bhandara Health Scheme: भंडारा जिले में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित एकीकृत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को महंगी स्वास्थ्य सुविधाएं और ऑपरेशन मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रशासन के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जिले में अब तक करोड़ों रुपये के उपचार निःशुल्क किए जा चुके हैं। भंडारा जिले की कुल जनसंख्या और पात्रता के आधार पर 11 लाख 43 हजार नागरिक इस योजना के लिए पात्र हैं। 21 मार्च तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के 6 लाख 52 हजार 29 57 प्रतिशत नागरिकों के कोब्रैंडेड आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई वय वंदना योजना के तहत 45,000 पात्र लाभार्थियों में से 18,570 41 प्रतिशत बुजुर्गों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
प्रशासन ने इस योजना का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए इसे पांच प्रमुख समूहों में विभाजित किया है। इसमें समूह अ में पीला, केसरी और अन्नपूर्णा राशन कार्ड धारक परिवार, समूह ब में सफेद राशन कार्ड धारक सरकारी व अर्धसरकारी कर्मचारी और अधिवास प्रमाणपत्र धारक परिवार, समूह क में महाराष्ट्र कर्नाटक सीमावर्ती गांवों के परिवार, समूह में आश्रम शाला के बच्चे, महिला व वृद्धाश्रम के नागरिक और पत्रकार तथा समूह ई में सड़क दुर्घटना में घायल बाहरी राज्यों या विदेशों के नागरिक एक लाख रुपये तक की मदद शामिल है।
जिले में कुल 30 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, जिनमें 10 सरकारी और 20 निजी अस्पताल शामिल हैं। इनके अलावा 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 1 शहरी स्वास्थ्य केंद्र को भी नया जोड़ा गया है। 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले के 17 हजार 31 लाभार्थियों पर 33 हजार 32 विभिन्न सफल ऑपरेशन और उपचार किए गए हैं।
1 अप्रैल 2026 तक विभाग लाभार्थियों की संख्या उपचार / ऑपरेशन / प्रोसीजर हृदय रोग2,701511 ऑपरेशन कार्डियोलॉजी1,9622,700 प्रोसीजरस्त्री रोग व प्रसूति7331,369 उपचार गंभीर स्थिति1,924उपचार ईएनटी हजारों मरीज मुफ्त इलाज त्वचा रोगहजारों मरीज मुफ्त इलाज जनरल मेडिसिनहजारों मरीज मुफ्त इलाज जनरल सर्जरीहजारों मरीज मुफ्त इलाज
ये भी पढ़े: कांजुरमार्ग गारबेज डिपो में लगेंगे बांस के जंगल, जल्द शुरू होगा कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट
योजना वरदानसड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने के लिए 13 फरवरी 2026 से पीएम राहत विशेष योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत दुर्घटना के बाद पहले 7 दिन या 1.5 लाख रुपये तक का उपचार पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि दुर्घटना के समय पहचान पत्र न होने पर भी उपचार शुरू कर दिया जाता है, केवल 72 घंटों के भीतर पहचान सुनिश्चित करना अनिवार्य होता है।
जिलाधिकारी सावन कुमार के मार्गदर्शन में जिला नोडल टीम इस योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. कुलदीप शिरपुरकर और जिला प्रमुख पायल मेश्राम सहित पूरी टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। प्रशासन ने अपील की है कि जिन नागरिकों ने अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, वे तुरंत पंजीकरण कराकर अपना स्वास्थ्य सुरक्षित करें।