

संतोष देशमुख हत्याकांड के मुख्य आरोपी विष्णु चाटे की जमानत याचिका खारिज।
9 दिसंबर 2024 को बीड के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या की गई थी।
संतोष देशमुख हत्याकांड में बीड पुलिस ने 1,800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
Santosh Deshmukh Murder Case Vishnu Chate Bail Rejected: महाराष्ट्र के बीड जिले के मस्साजोग गांव के दिवंगत सरपंच संतोष देशमुख के अपहरण और हत्या मामले में आरोपी विष्णु चाटे को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जांच एजेंसी ने अदालत में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक वॉयस सैंपल समेत कई सबूत पेश किए थे। इन पर विचार करने के बाद अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
अब आरोपी चाटे को नियमों के तहत अगले एक साल तक जमानत याचिका दायर करने की अनुमति नहीं मिलेगी। चाटे एक साल बाद नए सिरे से जमानत याचिका दायर कर सकेगा।
बता दें कि बीड जिले की केज तहसील के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का 9 दिसंबर 2024 को अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विष्णु चाटे, जयराम चाटे, सुदर्शन घुले, कृष्णा आंधले, सुधीर सांगले, महेश केदार और प्रतीक घुले समेत कई आरोपियों के नाम सामने आए थे।
संतोष देशमुख को टाकली क्षेत्र में सुदर्शन घुले के खेत में ले जाया गया था। वहां लोहे की रॉड और गैस पाइप से उनके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का आरोप है। इस घटना से पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश फैल गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि संतोष देशमुख की हत्या के समय आरोपियों ने परली के वाल्मिक कराड को वीडियो कॉल किया था। बताया गया कि इस कॉल के जरिए हत्या की वारदात दिखाई गई थी। इस मामले में बीड पुलिस ने वाल्मिक कराड को भी गिरफ्तार किया था। तब से कराड भी जेल में बंद है।
वाल्मिक कराड को सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे का करीबी बताया जाता है। इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया था और धनंजय मुंडे को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
संतोष देशमुख हत्याकांड में बीड पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने अदालत में करीब 1,800 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। मामले में आरोपियों की भूमिका, उनके बीच संपर्क और अपराध से जुड़े सबूत जांच के अहम हिस्से हैं।