Beed Sarpanch murder case: जेल में बिगड़ी वाल्मिक कराड की तबीयत, चल रही ट्रिटमेंट, कराया जा सकता है अस्पताल में भर्ती

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की जेल में तबीयत बिगड़ गई और उसका उपचार जारी है। बीड जेल में बंद कराड ने शुक्रवार शाम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की।
जेल में बिगड़ी वाल्मिक कराड की तबीयत
जेल में बिगड़ी वाल्मिक कराड की तबीयत (सौजन्यः सोेशल मीडिया)
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मुंबई: पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की जेल में तबीयत बिगड़ गई और उसका इलाज जारी है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी साझा की। अधिकारी ने अधिक जानकरी देते हुए बताया कि बीड जेल में बंद कराड ने शुक्रवार शाम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की है।

अधिकारी ने जानकारी दि कि शनिवार को रक्त में शर्करा की मात्रा कम होने और बोलने में असमर्थ होने की वजह से जेल चिकित्सकों ने उसकी जांच की। उन्होंने बताया कि कराड का इलाज जेल के अंदर ही किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। हालांकी चिकित्सा में सिटी स्कैन में सबकुछ नॉर्मल पाया गया है लेकिन बाकी का इलाज जारी है।

फिलहाल अस्पताल में भर्ती नहीं

बीड में सरकारी अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा, "परामर्श के अनुसार, कराड के खून की जांच की गई है। उसे फिलहाल अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है।" महाराष्ट्र के बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच देशमुख की पिछले वर्ष नौ दिसंबर को अगवा कर हत्या कर दी गई थी। कराड उन 8 लोगों में शामिल है, जिन्हें अब तक इस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है और सभी पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका के तहत मामला दर्ज है।

खुद को आरोपमुक्त करने का किया था आग्रह

बता दें कि महाराष्ट्र में सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड ने बीड की एक अदालत में एक आवेदन दायर कर खुद को आरोपमुक्त करने का आग्रह किया था। उसने दावा किया कि उसके खिलाफ कोई प्राथमिक सबूत नहीं है। अदालत ने मामले की जांच कर रहे राज्य सीआईडी से आवेदन पर जवाब मांगा है। महाराष्ट्र से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

सीआईडी कर रही है मामले की जांच

सीआईडी ही मामले की जांच कर रही है। किसी मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद आरोपी को तब आरोप मुक्त किया जा सकता है, जब अदालत की राय हो कि उसके खिलाफ प्रथम दृष्टा अपराध नहीं बनता है। फिर आरोपी को मुकदमे का सामना करने की जरूरत नहीं होती है। संतोष देशमुख हत्याकांड के जोर पकड़ने पर वाल्मिक कराड ने आत्मसमर्पण कर दिया था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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