बीड में छात्राओं के साथ शिक्षक करता था गंदा काम, 2 माह पहले हुई थी पोस्टिंग, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Beed News: बीड के माजलगांव में सरकारी स्कूल शिक्षक को कक्षा 3-4 की छात्राओं से यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अभिभावकों में रोष, आरोपी पर बीएनएस व पॉक्सो के तहत मामला दर्ज।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Beed Harassment Case: महाराष्ट्र के बीड जिले के एक सरकारी स्कूल में कक्षा तीन और चार की छात्राओं के यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने शिक्षक विष्णु जोम्बडे को मंगलवार को गिरफ्तार किया। इस घटना से अभिभावकों में व्यापक रोष फैल गया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना बीड जिले के माजलगांव तालुका स्थित एक स्कूल में सामने आई है। आरोपी शिक्षक का नाम विष्णु जोम्बडे है, जिसने कथित तौर पर दो महीने पहले ही स्कूल में तैनाती ली थी।

15 दिनों से कर रहा था परेशान

माजलगांव ग्रामीण थाने के निरीक्षक बालक कोली ने बताया कि आरोपी शिक्षक जोम्बडे पिछले 15 दिनों से लड़कियों को कथित तौर पर परेशान कर रहा था और उन्हें चुप रहने की धमकी भी दे रहा था। यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित छात्रा ने इस बारे में अपने परिवार के सदस्यों को बताया। इसके बाद, परिवार ने सोमवार को पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक विष्णु जोम्बडे को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।

शिक्षक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

गिरफ्तारी के बाद आरोपी शिक्षक विष्णु जोम्बडे को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया है।

धारा 74 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग से संबंधित है, जबकि धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है। इसके अलावा, उस पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

अभिभावकों में रोष, महिला शिक्षक की मांग

इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में व्यापक रोष फैल गया है। उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक अभिभावक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा, “अगर शिक्षक ही इस तरह का व्यवहार करेंगे तो हमारे बच्चों का भविष्य क्या होगा?”। अभिभावकों ने प्राधिकारियों से यह भी मांग की है कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में एक महिला शिक्षक की नियुक्ति की जाए।

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