

Santosh Deshmukh Murder Case Accused Walmik Karad News: महाराष्ट्र के बीड जिले में कभी अपनी दहशत और रसूख के दम पर 'अधिराज्य' चलाने वाला और मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड का मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड आज बेबस नजर आ रहा है। कभी मंत्रियों के साथ उठने-बैठने वाले और सत्ता के गलियारों में पकड़ रखने वाले कराड की जेल की सलाखों के पीछे हालत काफी खराब हो चुकी है। शुक्रवार को जब अचानक उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बीड जिला अस्पताल लाया गया, तो उसकी बदली हुई सूरत देख हर कोई हैरान रह गया।
अस्पताल लाए जाते समय वाल्मिक कराड गुलाबी शर्ट में था, उसकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी और सिर के बाल पूरी तरह सफेद हो चुके थे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिस ने उसे हाथों में रस्सी से बांध रखा था। जैसे ही कराड को अस्पताल लाने की खबर उसके समर्थकों को मिली, अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
वाल्मिक कराड और उसके साथियों पर बीड की विशेष अदालत में मुकदमा चल रहा है। उसने अब तक जमानत के लिए कई याचिकाएं दायर कीं, लेकिन कानून का शिकंजा उस पर कसता ही जा रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) बेंच से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, हर जगह से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। रिहाई का कोई रास्ता न मिलने के कारण वह लंबे समय से बीड जेल में बंद है।
वाल्मिक कराड का जेल प्रवास भी विवादों से अछूता नहीं रहा है। उस पर जेल के भीतर मोबाइल इस्तेमाल करने और घर का खाना मंगवाने जैसे कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं। जेल के अंदर कराड समर्थकों और विरोधी गुटों के बीच कई बार हिंसक झड़पें भी हुई हैं, जिसके बाद उसे किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग भी उठी थी।
जेल अधिकारियों के अनुसार, कराड ने बेचैनी और अस्वस्थ महसूस होने की शिकायत की थी। इसके तुरंत बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी प्राथमिक जांच की है और कुछ मेडिकल टेस्ट भी करवाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बता दें कि बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की 9 दिसंबर 2024 को बेरहमी से हत्या कर दी गई। एक एनर्जी कंपनी से पैसे ऐंठने की कोशिशों को नाकाम करने के बाद, उन्हें अगवा कर लिया गया, उन्हें तब तक प्रताड़ित किया गया जब तक उनकी मौत नहीं हो गई, और बाद में उनके शव को फेंक दिया गया। इस मामले में छह लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड भी शामिल हैं। इस हत्या के बाद, धनंजय मुंडे को अपने मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।