

Mother Son Suicide Beed: महाराष्ट्र के बीड जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। ग्रामीण थाना क्षेत्र के लिंबरुई गांव में एक मां ने मामूली विवाद के बाद जो कदम उठाया, उसे सुनकर हर कोई स्तब्ध है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि केवल एक मोबाइल फोन के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और लोग तकनीक व मानसिक तनाव के घातक परिणामों पर चर्चा कर रहे हैं।
यह मामला 31 दिसंबर 2025 का है, जब लिंबरुई गांव के एक कुएं में प्राजक्ता (रामेश्वर दराडे) और उनके चार वर्षीय बेटे वेदांत के शव मिले थे। शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे दुर्घटना मानकर आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था, लेकिन जब गहराई से जांच शुरू हुई, तो जो सच सामने आया उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। यह एक सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या के बाद आत्महत्या का मामला निकला।
बीड पुलिस की सघन जांच और परिजनों से पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि प्राजक्ता अपने पति से नया मोबाइल फोन दिलाने की मांग कर रही थी। पति ने किसी कारणवश मोबाइल दिलाने में असमर्थता जताई, जिसके बाद घर में अक्सर झगड़े होने लगे। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। गुस्से और मानसिक तनाव में आकर प्राजक्ता ने अपना आपा खो दिया और रूह कंपा देने वाले इस फैसले को अंजाम दिया।
जांच में यह निष्पन्न हुआ कि प्राजक्ता पहले अपने 4 साल के मासूम बेटे वेदांत को लेकर गांव के पास स्थित कुएं पर गई। वहां उसने सबसे पहले अपने कलेजे के टुकड़े को कुएं के गहरे पानी में धक्का दे दिया। बच्चे के डूबने के तुरंत बाद उसने खुद भी मौत की छलांग लगा दी। पुलिस ने अब इस मामले में मृतक महिला के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया है, क्योंकि उसने आत्महत्या से पहले अपने बेटे की जान ली थी।
बीड जिले से ही एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें शहर के मध्यवर्ती बस स्टैंड पर एक तृतीयपंथी (ट्रांसजेंडर) द्वारा एक शराबी व्यक्ति की पिटाई की जा रही है। रात के समय नए बस स्टैंड परिसर में असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा यात्रियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लिया है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। इन दोनों घटनाओं ने बीड में कानून-व्यवस्था और सामाजिक व्यवहार को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।