

MP Bajrang Sonawane Demands High-Level Inquiry: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। इस बार केंद्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान से जुड़ी एक पुरानी घटना है, जिसे लेकर एनसीपी (शरद चंद्र पवार) गुट के सांसद बजरंग सोनावणे ने बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। सोनावणे के इन बयानों ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
सांसद बजरंग सोनावणे ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से अजित पवार के विमान हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के पीछे के तथ्य अभी भी रहस्यमयी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विमान में ईंधन का धमाका हुआ था या फिर इसके पीछे कोई और विस्फोटक सामग्री थी? सोनावणे का इशारा स्पष्ट रूप से एक सोची-समझी साजिश की ओर था। उन्होंने कहा, "जिस तरह से घटना हुई, वह कई संदेह पैदा करती है। क्या यह वास्तव में एक दुर्घटना थी या दादा (अजित पवार) को रास्ते से हटाने की कोई कोशिश?"
बीड में मीडिया से बात करते हुए सोनवणे ने मांग की कि इस हादसे की परतें खोली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अजित पवार के मुंबई स्थित सरकारी आवास से निकलने से लेकर हवाई अड्डे तक पहुंचने के हर सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच होनी चाहिए। सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई, यह स्पष्ट होना जरूरी है। हालांकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) पहले ही जांच के आदेश दे चुका है, लेकिन सोनवणे का इशारा कुछ और ही जांच की ओर है।
अजित पवार के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए सांसद सोनवणे काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक करियर को गढ़ने में अजित पवार का सबसे बड़ा हाथ था। 1999 से उनके साथ जुड़े रहने की यादों को साझा करते हुए उन्होंने इसे "नियति का क्रूर खेल" बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल राकांपा की नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की क्षति है।
सोनावणे के इस बयान के बाद महायुति गठबंधन और विशेष रूप से अजित पवार के समर्थक भड़क गए हैं। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष हार की हताशा में अब इस तरह के बेबुनियाद और संवेदनशील दावे कर रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विमान हादसों की जांच डीजीसीए (DGCA) जैसी संस्थाएं करती हैं और बिना किसी ठोस सबूत के 'बम' या 'साजिश' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना माहौल खराब करने जैसा है।
अजित पवार की विरासत को जीवित रखने के लिए सोनवणे ने एक बड़ा एलान भी किया। उन्होंने घोषणा की कि कैज तहसील स्थित येदेश्वरी चीनी मिल परिसर में अजित पवार की याद में एक भव्य स्मारक का निर्माण किया जाएगा। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को उनके प्रशासनिक कौशल और विकास कार्यों की याद दिलाएगा।