छत्रपति संभाजीनगर में जिप स्कूलों की विशेष जांच कल से; कमियों को सुधारने के लिए त्रिसदस्यीय दल करेगा निरीक्षण

Sambhajinagar Zp School: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद द्वारा 18 से 30 मई तक सभी जिप स्कूलों का विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। गठित त्रिसदस्यीय दल 5 जून तक प्रशासन को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा।
Chhatrapati Sambhajinagar ZP will launch a special inspection drive for its schools from May 18 to 30. A 3-member team will evaluate infrastructure & submit reports.
छत्रपति संभाजीनगर स्कूल (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Zilla Parishad School: छत्रपति संभाजीनगर स्कूलों के कामकाज में पारदर्शिता और सुव्यवस्था लाने व नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की पूर्व तैयारियों के तहत उद्देश्य से जिला परिषद प्रशासन ने सभी जिप स्कूलों की जांच करने का निर्णय लिया है। यह विशेष जांच अभियान 18 से 30 मई के दौरान चलाया जाएगा। जांच के लिए जिलास्तर पर गठित त्रिसदस्यीय दल अपने केंद्र क्षेत्र के हर स्कूल का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। जिला परिषद कार्यालय में 5 जून तक अंतिम रिपोर्ट पेश करने की बाध्यता रहेगी।

इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में मौजूद कमियों की पहचान करने के अलावा उनकी भौतिक और शैक्षणिक आवश्यकताओं का आकलन करना है। अभियान के अंतर्गत छत्रपति संभाजीनगर जिले की सभी जिला परिषद स्कूलों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। यही नहीं, इस दौरान संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को उपस्थित रहकर जांच दल को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और सहयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि, अभियान के तहत स्कूल भवनों की स्थिति, पेयजल और शौचालय सुविधाएं, कार्यालयीन अभिलेखों की जांच की जाएगी। यही नहीं, शासकीय योजनाओं विशेष कर मध्यान्ह भोजन योजना व अन्य शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों की अन्य मूलभूत सुविधाओं और पायाभूत संरचना का भी निरीक्षण किया जाएगा।

त्रिसदस्यीय दल का किया गया गठन

जांच के लिए जिलास्तर पर त्रिसदस्यीय दल गठित किए गए है। इन दलों में 1 दल प्रमुख, 1 सहायक और। त्रयस्थ केंद्र प्रमुख शामिल रहेगा। सूत्रों ने बताया कि, यह दल अपने केंद्र क्षेत्र के हर स्कूल का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। तदुपरांत अभियान की अंतिम रिपोर्ट 5 जून तक जिला परिषद कार्यालय में पेश करने की अनिवार्यता की गई है। जयश्री चव्हाण ने बताया कि भविष्य की शैक्षणिक योजना को अधिक प्रभावी बनाने और जिला परिषद स्कूलों के सर्वांगीण विकास के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस जांच से स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, जिससे आवश्यक सुधार कार्यों को गति मिल सकेगी

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