वालूज MIDC के लिए 290 करोड़ की नई वाटर पाइपलाइन को मंजूरी, 14 गांवों और उद्योगों को मिलेगा दोगुना पानी

Sambhajinagar Water Pipeline: वालूज औद्योगिक क्षेत्र (MIDC) के लिए 290 करोड़ की लागत से 144 MLD क्षमता वाली नई पाइपलाइन को मंजूरी। 4 दशक पुरानी जर्जर लाइन की जगह अब मिलेगा दोगुना पानी।
MIDC approved a Rs 290 crore new water pipeline project with 144 MLD capacity for Waluj industrial area, doubling the current supply for industries and 14 villages.
वाटर पाइपलाइन (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Maharashtra Industrial Development: करीब चार दशक पुरानी व जर्जर हो चुकी जलवाहिनी से जूझ रहे वालूज औद्योगिक क्षेत्र को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल ने 144 एमएलडी क्षमता वाली नई पाइप लाइन, पंपिंग स्टेशन विस्तार व जल शुद्धिकरण केंद्र उन्नयन परियोजना को मंजूरी दे दी है।

टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है व जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की संभावना है। 290 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अगले दो वर्षों में पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरी होने के बाद इस क्षेत्र की जलापूर्ति क्षमता मौजूदा स्तर से लगभग दोगुनी हो जाएगी। नई जलवाहिनी पुरानी पाइप लाइन के समानांतर बिछाई जाएगी। इसका व्यास 1,800 मिमी (करीब 6 फीट) होगा।

मिलेगा 144 MLD पानी, जल समस्या होगी खत्म

जबकि वर्तमान लाइन का व्यास 1.050 मिमी है। इससे भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप दीर्घकालिक जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। वर्ष 1985 में स्थापित वालूज एमआईडीसी को वर्तमान में पैठण स्थित नाथसागर बैकवॉटर के ब्रम्हगव्हाण पंपिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति की जाती है। 72 एमएलडी क्षमता वाली 23 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन अब अपनी निर्धारित उपयोग अवधि पूरी कर चुकी है, लगातार लीकेज व तकनीकी खराबियों के कारण उद्योगों तथा आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति बार-बार प्रभावित हो रही थी।

उद्योग संगठनों, विशेष रूप से मासिआ की लगातार मांग के बाद एमआईडीसी ने इसको मंजूरी दी है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद वालूज एमआईडीसी के साथ प्रस्तावित आरापुर व वैजापुर औद्योगिक क्षेत्रों को भी पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा बजाज नगर, सिडको व एम.आईडीसी जलापूर्ति पर निर्भर 14 गांवों को भी इसका लाभमिलेगा। जल आधारित उद्योगों, विशेषकर पेय पदार्थ, बियर व औषधि निर्माण क्षेत्र की कंपनियों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जलापूर्ति क्षमता बढ़ने से उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना आसान होगा व भविष्य में संभावित जल संकट की आशंकाएं काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com