

Chhatrapati Sambhajinagar Road Widening: संभाजीपेठ से जुना मोंढा तक प्रस्तावित 50 फीट चौड़े मार्ग के निर्माण को गति मिलने लगी है। महानगरपालिका द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद कई संपत्ति धारकों ने मनपा की कार्रवाई का इंतजार किए बिना स्वयं अपने सड़क बाधित निर्माण हटाने शुरू कर दिए हैं।
इससे वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। महानगरपालिका ने विकास नियंत्रण नियमावली के तहत संभाजीपेठ स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले तथा सावित्रीबाई फुले चौक से जुना मोंढा (नवाबपुरा) तक के मार्ग को 15 मीटर अर्थात लगभग 50 फीट चौड़ा करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर भवनों और अन्य निर्माणों के कारण सड़क की निर्धारित चौड़ाई उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए
संबंधित संपत्ति धारकों को हाल ही में नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद संभाजीपेठ, गुलमंडी चौक, दिवान देवड़ी, अंगूरीबाग, मोतीकारंजा और जुना मोंढा क्षेत्र के कुछ भवन मालिकों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए सड़क से प्रभावित हिस्सों को हटाने का कार्य प्रारंभकर दिया है। संभाजीपेठ स्थित दत्त मंदिर के सामने की दो इमारतों तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के समीप स्थित एक भवन के सड़क बाधित हिस्से को सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है।
तीन मंजिला इमारत के प्रभावित भाग को भी तकनीकी सतर्कता के साथ तोड़ा जा रहा है ताकि यातायात और आसपास की संरचनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सूत्रों के अनुसार नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद महानगरपालिका द्वारा व्यापक स्तर पर अतिक्रमण एवं बाधित निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हालांकि कुछ संपत्ति धारक इस अभियान को रोकने के लिए कानूनी और अन्य स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश प्रभावित लोगों ने सड़क चौड़ीकरण के कार्य में सहयोग का रुख अपनाया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मार्ग पर प्रभावित अधिकांश संपत्ति धारकों को पूर्व में ही मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। ऐसे में महानगरपालिका की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर बड़े स्तर पर विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण से पुराने छत्रपति संभाजीनगर शहर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधरेगी, भीड़भाड़ कम होगी और भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
मनपा प्रशासन को उम्मीद है कि संपत्ति धारकों के सहयोग से संभाजीपेठ से जुना मोंढा तक का यह महत्वपूर्ण मार्ग शीघ्र ही निर्धारित चौड़ाई में विकसित किया जा सकेगा। इससे शहर के मध्यवर्ती क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।