

Maharashtra Board Exams Token Verification Method: छत्रपति संभाजीनगर जिले में नकलमुक्त अभियान को और मजबूत बनाने के लिए इस वर्ष दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में टोकन पद्धति लागू की गई है।
यह अभिनव पहल माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर की संकल्पना पर आधारित है, जिसे पूरे जिले में प्रभावी रूप से अमल में लाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था तैयार की गई है।
केंद्र पर उपस्थित कुल छात्र संख्या के अनुसार एक से अंतिम तक टोकन नंबर तय किए जाते है। प्रत्येक टोकन के लिए एक अलग शिक्षक की नियुक्ति की जाती है, हर शिक्षक कम से कम 25 छात्रों की जांब करता है व टोकन घर अपना नाम दर्ज करता है और टीकन छात्र की जेब में रखा जाता है। इससे यदि किसी भी समय केंद्र निदेशक या उड़नदस्ता जांच के लिए पहुंचे, तो छात्र के पास मौजूद टोकन से यह स्पष्ट हो जाता है कि उसकी जांब किस शिक्षक ने की है। इस प्रक्रिया की अलग से प्रविष्टि केंद्र के रजिस्टर में भी की जाती है।
इससे छात्रों में सतर्कता की भावना बढ़ी है, अचानक जांच की संभावना के कारण परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन व ईमानदारी को बढ़ावा मिला है। वहीं शिक्षकों में भी जवाबदेही की भावना मजबूत हुई है।
प्रशासन के अनुसार, यह टोकन पद्धति परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित व विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर इसकी सख्ती से निगरानी की जा रही है।