2020 की भारी बारिश से फसल नुकसान, किसानों को लाभ क्यों नहीं मिला, High Court ने मांगा जवाब

Bombay High Court की औरंगाबांद बेंच ने बीमा कंपनी को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि साल 2020 में बीड जिले में किसानों को हुए नुकसान के बाद भी फसल बीमा का क्यों नहीं मिला है?
Bombay High Court Of Aurangabad Bench
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar News: बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद बेंच के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति विभा कंकणवाड़ी ने हाल ही में बीमा कंपनी को यह स्पष्ट करने का आदेश दिया कि साल 2020 में बीड जिले में भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को फसल बीमा का लाभ क्यों नहीं दिया गया।

अखिल भारतीय किसान सभा व अन्य किसानों ने अधिवक्ता अनिल गायकवाड़ के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि साल 2020 में भारी बारिश के कारण बीड जिले में खरीफ फसलों को हुए नुकसान के कारण किसानों को फसल बीमा का लाभ मिले।

यह सुनिश्चित करने के प्रयासों के बावजूद, किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभनहीं मिला। राज्य सरकार ने 29 जून 2020 व 17 जुलाई 2020 के सरकारी निर्णयों के माध्यम से इस योजना को स्वीकार किया था।

2020 में भारी बारिश से हुई थीं फसलें खराब

इस योजना को लागू करने के लिए बीड जिले के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी का चयन किया गया था। साल 2020 में हुई भारी बारिश के कारण फसलों व अचल संपत्ति को नुकसान हुआ था। केंद्र और राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान की थी। कृषि आयुक्त और राज्य सरकार ने पंचनामा के अनुसार किसानों को मुआवजा प्रदान करने के लिए बीमा कंपनी को दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया।

789 करोड़ रुपये का दिया प्रीमियम

सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 लाख किसानों ने फसल बीमा के लिए 789 करोड़ रुपये का प्रीमियम दिया गया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि, बीमा कंपनी ने केवल 20 हजार किसानों को 13 करोड़ 54 लाख रुपये का बीमा लाभ प्रदान किया। एड गायकवाड़ को एड अनिकेत वडवले ने सहायता प्रदान की।

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