Chhatrapati Sambhajinagar Zilla Parishad Schools: छत्रपति संभाजीनगर विभागीय शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय ने जिले की अल्पसंख्यक निजी प्राथमिक शालाओं में अतिरिक्त घोषित किए गए शिक्षकों के जिला परिषद स्कूलों में तत्काल व अनिवार्य समायोजन के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में उप शिक्षा निदेशक ने छत्रपति संभाजीनगर जिप के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
यह मामला उस समय प्रमुखता से सामने आया था, जब पुरानी पेंशन अधिकार संगठन ने 4 मई को इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। संगठन की मांग पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अल्पसंख्यक निजी प्राथमिक शालाओं में अतिरिक्त हुए शिक्षकों को बिना कारण लंबित न रखा जाए व उनका जिप स्कूलों में समायोजन तुरंत शुरू किया जाए।
साथ ही प्रक्रिया के दौरान किसी भी अधिनियम, नियम, सरकारी निर्णय या परिपत्र का उल्लंघन न हो, इसकी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी न्यायालयीन आदेश का उल्लंघन नहीं होना चाहिए व इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। संगठन के राज्य प्रवक्ता शेख अब्दुल रहीम ने कहा कि यह फैसला शिक्षकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा व इससे रिक्त पद भरने में भी मदद मिलेगी।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जिन कोचिंग क्लासेस में एक कक्षा में 60 से अधिक छात्रों को बैठाया जाता है, उन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा एक ही शहर या केंद्र पर छात्रों की अत्यधिक भीड़, बढ़ती प्रतिस्पर्धा व उससे जुड़ी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए 11वीं व 12वीं के छात्रों की जूनियर कॉलेज में 100 प्रश उपस्थिति अनिवार्य की जाए। प्रकोष्ठ ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कॉलेज केवल कागजी रूप से संख्या दिखाकर सरकारी अनुदान प्राप्त कर रहे हैं।
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भाजपा प्रणीत कोचिंग क्लासेस प्रकोष्ठ ने निजी कोचिंग क्लासेस पर नियंत्रण के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर 'स्वतंत्र निजी शिक्षा मंत्रालय' गठित करने की मांग की है। इस संबंध में राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है, प्रदेशाध्यक्ष पांडुरंग मांडकीकर ने कहा कि निजी कोचिंग क्लासेस में बढ़ती अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए स्वतंत्र नियामक मंडल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों की संख्या सीमित करने, मनमानी फीस पर नियंत्रण रखने तथा अनियमितताओं की गहन जांच की जानी चाहिए।