Swachh Bharat Abhiyan: संभाजीनगर को देश में प्रथम स्थान दिलाने का लक्ष्य; नई कचरा संग्रहण प्रणाली का शुभारंभ

Swachh Bharat Abhiyan: छत्रपति संभाजीनगर में नई ठोस कचरा संग्रहण और परिवहन प्रणाली शुरू हुई। प्रशासन ने शहर को स्वच्छता में देश में अव्वल बनाने का लक्ष्य रखा, जबकि नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई।
Chhatrapati Sambhajinagar Swachh Survekshan
राज्य मंत्री अतुल सावे और जिला पालक मंत्री संजय शिरसाट सोर्स @ नवभारत
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Swachh Bharat Abhiyan In Chhatrapati Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर शहर को स्वच्छता के मामले में देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। शहर का विकास तेज गति से हो रहा है और इसे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह विचार राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, दुग्ध विकास, नवीकरणीय ऊर्जा एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री अतुल सावे ने यहा व्यक्त किए। महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर 1 मई की शाम आयोध्या नगरी में शहर की नई ठोस कचरा संग्रहण और परिवहन प्रणाली का शुभारंभ किया गया। यह कार्य वेस्टर्न इमेजरी एजेंसी के माध्यम से शुरू किया गया।

इस अवसर पर ठोस कचरा ट्रांसफर केंद्रों का भी उद्घाटन किया गया। राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री तथा जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि शहर को स्वच्छता में देश में अग्रणी बनाने के लिए सरकार हर संभव सहायता देगी। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से मनपा को जल्द ही आधुनिक "एंडोबोट" मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ड्रेनेज की सफाई के दौरान किसी भी कर्मचारी को अंदर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

जनप्रतिनिधियों की रही विशेष रूप से उपस्थिति

कार्यक्रम में महापौर समीर राजूरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये, सदन नेता गोविद केंद्रे, विरोधी पक्षनेता अब्दुल समीर साजिद, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत और मनपा आयुक्त अमोल येडगे सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि शहर में जलापूर्ति और कचरा प्रबंधन दो प्रमुख मुद्दे हैं।

उन्होंने बताया कि हाल ही में एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाकर लगभग 90 लाख प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई, जो देश में एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। विभागीय आयुक्त जी। श्रीकांत ने कहा कि पहले शहर में जलापूर्ति और कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब इन क्षेत्रों में सुधार हो रहा है। नई आधुनिक कचरा परिवहन प्रणाली से शहर की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

प्रशासन का प्रयास और नागरिकों की भूमिका

  • मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि वर्ष 2018 में कचरा प्रबंधन की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अब वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निपटान किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घरों से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करें, ताकि स्वच्छता अभियान को मजबूती मिले।
  • कार्यक्रम में श्रमिक दिवस के अवसर पर स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों, वाहन चालकों और सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना नंदकिशोर भोंबे ने रखी, जबकि आभार प्रदर्शन रणजीत पाटिल ने माना। इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही छत्रपति संभाजीनगर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल किया जा सकता है।
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