Chhatrapati Sambhajinagar: मनपा का बचत वाला बजट, 3,354 करोड़ का लेखा-जोखा पेश, पर चर्चा से पहले ही टली सभा

Chhatrapati Sambhajinagar News: मनपा सभापति अनिल मकरिये ने वर्ष 2026-27 के लिए 3,354 करोड़ का बजट पेश किया। विपक्षी सदस्यों ने अध्ययन के लिए समय मांगा, जिसके बाद चर्चा अगले सप्ताह तक टाल दी गई।
Chhatrapati Sambhajinagar: Municipal Corporation Presents Surplus Budget—Accounts Worth ₹3,354 Crore Tabled—But Session Adjourned Before Discussion Could Begin
छत्रपति संभाजीनगर मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Update: मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर मनपा की आम सभा में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया गया। स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने प्रशासन द्वारा प्रस्तावित मूल अनुमानों में 130 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए कुल 3,354 करोड़ 37 लाख 68,000 रुपये का भारी-भरकम बजट सदन के पटल पर रखा। इस बजट की खास बात यह है कि इसमें खर्च और आय के बीच बेहद सीमित यानी महज 72.10 लाख रुपये की बचत दर्शाई गई है।

बजट के मुख्य प्रावधान और आंकड़े

महापौर समीर राजूरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल और आयुक्त अमोल येड़गे की गरिमामयी उपस्थिति में पेश किए गए इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे और राजस्व आय पर विशेष ध्यान दिया गया है। महाराष्ट्र मनपा अधिनियम की धारा 96 के तहत रखे गए इस प्रस्ताव में संभावित खर्च 3353.65 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके साथ ही, वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट को भी मंजूरी दी गई, जिसमें लगभग 27.59 करोड़ रुपये की बचत की उम्मीद जताई गई है।

विपक्ष का विरोध और सभा स्थगित

बजट पेश होते ही सदन में विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का मुख्य आरोप था कि उन्हें बजट की प्रति (Copy) समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बिना प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करना असंभव है। सदस्यों ने मांग की कि इतने बड़े बजट पर बिना तैयारी के चर्चा नहीं की जा सकती। हंगामे और चर्चा की मांग को देखते हुए महापौर समीर राजूरकर ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैठक स्थगित कर दी।

अगले सप्ताह होगी विशेष चर्चा

विपक्ष की आपत्ति और विस्तृत विमर्श की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए महापौर ने घोषणा की कि बजट पर विशेष चर्चा के लिए 27 या 28 अप्रैल को दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। इस विशेष सत्र में छत्रपति संभाजीनगर के विकास, जलापूर्ति, सड़कों के जाल और नए कर प्रस्तावों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।

नगर निगम का यह बजट चुनावी और विकासपरक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चर्चा टलने से अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले सप्ताह होने वाली विशेष बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बजट के प्रावधानों को लेकर क्या सहमति बनती है।

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