संभाजीनगर में छात्र संख्या की जांच, अनुदान गड़बड़ी पर सरकार सख्त; शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
Sambhajinagar Student Verification: संभाजीनगर में स्कूलों की छात्र संख्या का सत्यापन शुरू हुआ। 1,137 स्कूलों की जांच कर रिपोर्ट सरकार को भेजी गई, अनुदान गड़बड़ी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
संभाजीनगर स्कूल( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Education Department: छत्रपति संभाजीनगर स्कूलों में वास्तविक उपस्थिति व मान्यता के समय दर्ज छात्र संख्या के बीच अंतर व अनुदान हड़पने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग सख्त हो गया है।
अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति रोकने व अनुदान में गड़बड़ी से बचने के लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में पड़ताल अर्थात छात्र संख्या का सत्यापन अभियान शुरू किया है।
इसी के तहत जिले में शनिवार, 11 अप्रैल को मनपा क्षेत्र के 169 संग कुल 1,137 स्कूलों की जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को ऑनलाइन भेजी है। बाद में यह स्पष्ट होगा कि कहीं कोई गड़बड़ी या फर्जी छात्र संख्या दर्ज की गई है या नहीं।
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छात्र संख्या पूरी दिखाने के लिए कई निजी स्कूलों में काफी भागदौड़ देखने मिली। प्राथमिक शिक्षणाधिकारी जयश्री चव्हाण ने कहा कि जिले में सरकारी, अनुदानित, बगैर अनुदानित और निजी मिलाकर कुल 4,435 स्कूल हैं।
इनमें कक्षा 2 से 11वीं तक के विद्यार्थियों की गिनती की जा रही है।10 वीं कक्षा को इस प्रक्रिया से दूर रखा गया है। यह अभियान 11, 15 व 22 अप्रैल को तीन चरणों में चलाया जा रहा है।
समय की कमी के चलते कुछ स्कूलों तक टीम नहीं पहुंच सकी, जिन्हें अगले चरण में शामिल किया जाएगा। चव्हाण ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह जांच तहसील स्तर पर समूह शिक्षणाधिकारी, विस्तार अधिकारी और केंद्र प्रमुखों के जरिए की जा रही है।
2013 व 2015 में हुआ फर्जीवाड़ा उजागर
वर्ष 2013 व 2015 में चलाए गए अभियान में कई फर्जी स्कूल व छात्र सामने आए थे। उस समय विद्यार्थियों की पहचान के लिए उंगलियों पर स्याही लगाई जाती थी। हालांकि, इस बार ऐसा कोई तरीका अपनाया नहीं गया है।
जांच का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। साइट हैम होने के चलते कई स्कूलों की जानकारी ऑफलाइन दर्ज करनी पड़ी। यह रिपोर्ट बाद में राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
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मनपा क्षेत्र में कुल 936 स्कूलों की जांच की जाएगी। इसके लिए 134 टीमों का गठन कर हर टीम को 2 स्कूलों का जिम्मा सौंपा गया है। फर्जी छात्र संख्या के आरोपों के बीच कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया, यही नहीं, सिल्लोड तहसील में बीमार छात्रों को भी स्कूल लाए जाने से अभिभावकों को दिक्कतों का सामना पड़ा।
