सातारा सड़क विस्तारीकरण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, तीन सप्ताह में मांगा जवाब

Sambhajinagar News: सातारा क्षेत्र में रास्ता विस्तारीकरण को लेकर बॉम्बे HC ने मनपा से जवाब मांगा। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि बिना नोटिस और भूसंपादन प्रक्रिया संपत्तियां निष्कासित करने की कार्रवाई अनुचित
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बॉम्बे हाई कोर्ट को औरंगाबाद खंडपीठ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: सातारा क्षेत्र में रास्ता विस्तारीकरण के चलते संपत्तियां बाधित होने के मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय के औरंगाबाद खंडपीठ ने शनिवार को मनपा को नोटिस जारी करते हुए 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। याचिकाकर्ता हरभजनसिंह थियारा व अन्य लोगों ने एड। विशाल बकाल के जरिए याचिका दाखिल की है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि सातारा क्षेत्र के गुट नंबर 105 में उनकी निवासी संपत्ति पर ग्राम पंचायत ने निर्माण कार्य की अनुमति दी थी। सातारा क्षेत्र में 9 मीटर की सड़क 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। प्रस्तावित विस्तारीकरण में बाधित होने वाली संपत्तियां 18 सितंबर, 2025 को निष्कासित करने की जानकारी मनपा ने सितंबर 2025 को दी थी।

मनपा ने कोई नोटिस नहीं दिया

यही नहीं, उक्त संपत्तियों को लाल रंग से चिन्हित भी किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि, मनपा ने कोई भी नोटिस जारी नहीं किया। जांच नहीं की गई और न भूसंपादन प्रक्रिया अमल में लाई गई। याचिकाकर्ताओं को पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। इसके चलते कार्रवाई को स्थगिति देने की विनती याचिकाकर्ताओं ने की।

ग्रापं सक्षम प्राधिकारी नहीं

मनपा की ओर से अधिवक्ता संभाजी टोपे ने आश्वस्त किया कि सातारा क्षेत्र में सड़क विस्तारीकरण की कोई कार्रवाई नहीं करेगी। उच्च न्यायालय के एक फैसले के अनुसार ग्रापं सक्षम प्राधिकारी नहीं है। याचिकाकर्ता के पास ग्रापं निर्माण कार्य का लाइसेंस होने से यह नहीं कहा जा सकता कि उनके पास वैध निर्माण कार्य लाइसेंस है। प्रकरण को स्थगनादेश नहीं देने की विनती एड। टोपे ने की।

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