Sanjay Shirsat News: संजय शिरसाट की अब्दुल समीर को सलाह: विकास पर ध्यान दें, हवा में न उड़ें

Sanjay Shirsat News Attacks: छत्रपति संभाजीनगर के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने विरोधी पक्ष नेता अब्दुल समीर को राजनीति में संयम बरतने और रील संस्कृति से दूर रहकर विकास कार्य करने की सलाह दी है।
Sanjay Shirsat News: Sanjay Shirsat's Advice to Abdul Sameer: ​​Focus on Development, Don't Get Carried Away
संजय शिरसाट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: शहर की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर मनपा में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने विरोधी पक्ष नेता अब्दुल समीर साजिद को आड़े हाथों लिया। शिरसाट ने दो-टूक शब्दों में सलाह देते हुए कहा कि राजनीति में 'हवा में ज्यादा उड़ने' की कोशिश भविष्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।

पिता के साथ के रिश्तों का दिया हवाला

पालकमंत्री शिरसाट ने अपने संबोधन के दौरान भावुक और तल्ख तेवर अपनाते हुए अब्दुल समीर से कहा, "मैंने तुम्हारे पिताजी के साथ लंबे समय तक काम किया है। एक वरिष्ठ होने के नाते मैं तुम्हें सलाह दे रहा हूँ कि अभी तुम्हारे उड़ने का समय है, लेकिन अगर सही दिशा में उड़ान भरोगे, तभी सही ऊंचाई तक पहुँच पाओगे। बेवजह हवा में उड़ने से केवल पतन ही होता है।" उन्होंने समीर को नसीहत दी कि वे बड़े सपने जरूर देखें, लेकिन उन सपनों का आधार शहर का विकास होना चाहिए।

रील संस्कृति और अन्य मुद्दों पर घेरा

संजय शिरसाट ने विपक्षी नगरसेवकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इन दिनों विकास के असली मुद्दों को दरकिनार कर केवल 'रील्स' (Social Media Reels) बनाने की होड़ मची है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद सोशल मीडिया पर खुद को बेहतर दिखाने के लिए केवल दिखावा कर रहे हैं, जबकि धरातल पर काम शून्य है। सत्ताधारी दल का मानना है कि विपक्ष शहर के बुनियादी ढांचे और प्रगति से जुड़े मुद्दों को छोड़कर अनावश्यक विवादों को हवा दे रहा है।

मनपा आयुक्त को भी दी 'चेतावनी भरी' सलाह

पालकमंत्री संजय शिरसाट ने केवल विपक्ष को ही नहीं, बल्कि मनपा आयुक्त अमोल येडगे को भी अपने रडार पर लिया। उन्होंने पूर्व आयुक्त जी. श्रीकांत के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण हमने उनके तबादले को रुकवाने की कोशिश की थी। उन्होंने वर्तमान आयुक्त से कहा, आप भी बेहतर काम करें। यदि आप अच्छा काम करेंगे, तो आपको यहाँ बनाए रखने के लिए हम पूरा जोर लगाएंगे, लेकिन यदि ढिलाई हुई, तो स्थिति अलग होगी।

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नगर निगम में दिनभर चर्चा का विषय

पालकमंत्री की इस तीखी टिप्पणी के बाद नगर निगम गलियारों में राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे एक अनुभवी नेता की सही सलाह बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमे में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। शिरसाट का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी दिनों में शहर के विकास और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर टकराव और बढ़ सकता है।

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